नई दिल्ली। बंगाल में मई 2021 में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हमले के आरोपितों को दी गई जमानत Supreme Court ने गुरुवार को रद कर दी। कोर्ट ने कहा कि भाजपा का समर्थन करने के कारण चुनाव परिणाम के दिन शिकायतकर्ता के घर पर हमला किया गया। इसका एकमात्र उद्देश्य बदला लेना था। शिकायतकर्ता की पत्नी के साथ छेड़छाड़ की गई।
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Supreme Court ने कहा- यह घिनौना अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह घिनौना अपराध लोकतंत्र की जड़ों पर गंभीर हमले से कम नहीं है। शीर्ष अदालत ने सीबीआइ की दो अपील पर अपना फैसला सुनाया, जिसमें मामले में कुछ आरोपितों को जमानत देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के अलग-अलग आदेशों को चुनौती दी गई थी।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा, हमें लगता है कि इस मामले में आरोप इतने गंभीर हैं कि वे अदालत के अंतरात्मा को झकझोर देते हैं। जिस तरीके से घटना को अंजाम दिया गया, उससे आरोपितों के प्रतिशोधी रवैये और विपक्षी पार्टी के समर्थकों को किसी भी तरह से दबाने के उनके मकसद का पता चलता है।

