Social Campaign-जोया/अमरोहा: जनपद अमरोहा के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान द आर्यन्स (जोया) में बुधवार (21 जनवरी 2026) को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को कम उम्र में शादी करने के शारीरिक, मानसिक और कानूनी दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया गया।
शिक्षा ही है बाल विवाह का काल: प्रधानाचार्य
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य आदेश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के सुनहरे भविष्य और स्वास्थ्य के साथ सबसे बड़ा खिलवाड़ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक शिक्षित समाज ही इस कुप्रथा को पूरी तरह जड़ से मिटा सकता है।
कानून और स्वास्थ्य पर विशेष चर्चा
हिंदी विभागाध्यक्ष विनीत कुमार शर्मा ने प्रार्थना सभा में बाल विवाह के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
कानूनी उम्र: लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होना बाल विवाह की श्रेणी में आता है।
अधिनियम: उन्होंने ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006’ के कड़े प्रावधानों की जानकारी दी।
दुष्प्रभाव: कम उम्र में शादी से लड़कियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों और उनकी शिक्षा छूटने के दर्द को विस्तार से समझाया।
“भविष्य को सुरक्षित बनाएंगे”: ली गई सामूहिक शपथ
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने एक स्वर में शपथ ली— “ना बाल विवाह करेंगे, ना होने देंगे, शिक्षा को प्राथमिकता देंगे, भविष्य को सुरक्षित बनाएंगे।” इस सामूहिक संकल्प के साथ बच्चों ने कुप्रथा मुक्त समाज बनाने का वादा किया।
मैनेजमेंट और स्टाफ की रही मौजूदगी
समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक चौधरी हरपाल सिंह, अनिल कुमार सिंह, निदेशक अमन लिट्ट और गौरव चौधरी सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में विनीत कुमार शर्मा, सुमित चौधरी, प्रेरिता, अनिल कुमार, सचिन शर्मा और अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

