नयी दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chauhan ने बुधवार को कहा कि देश में छोटी जोत के हिसाब से छोटी मशीनें तैयार की जायेंगी तथा किसानों के साथ खाद-बीज आदि में धोखाधड़ी रोकने के लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर, कम लागत में ज्यादा उत्पादन का लक्ष्य : Shivraj Singh Chauhan
Shivraj Singh Chauhan ने वैज्ञानिकों से प्राकृतिक खेती के जरिए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद की दिशा में काम करने का आह्वान किया।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 97वें स्थापना दिवस के अवसर पर यहां पूसा के एन.ए.एस.सी. कॉम्प्लेक्स स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने उत्कृष्ट योगदान के लिए वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान पुरस्कार भी वितरित किये।
उत्कृष्ट महिला वैज्ञानिक, युवा वैज्ञानिक, नवाचार वैज्ञानिक सहित विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार वितरण किये गये। केंद्रीय कृषि मंत्री ने परिसर में आयोजित विकसित कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। साथ ही विभिन्न कृषि उत्पादों और प्रौद्योगिकी की जानकारी भी ली। कार्यक्रम में 10 कृषि प्रकाशनों का विमोचन किया गया। साथ ही कृषि क्षेत्र के विभिन्न समझौता ज्ञापनों का विमोचन भी किया गया। श्री चौहान ने समस्त देशवासियों की तरफ से स्थापना दिवस पर आईसीएआर की टीम को बधाई दी।
Shivraj Singh Chauhan ने वैज्ञानिकों को आधुनिक महर्षि की संज्ञा देते हुए कहा कि हमारे वैज्ञानिकों की बौद्धिक क्षमता अतुलनीय है। अपनी कार्य क्षमता के बल पर वैज्ञानिक किसान कल्याण और विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान अब पूसा में तय नहीं होगा, खेत और किसान के हिसाब से आगे के शोध के रास्ते तय होंगे।
उन्होंने आईसीएआर के महानिदेशक को ‘एक टीम-एक लक्ष्य’ की संकल्पना पर भी काम करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एक केंद्रित लक्ष्य के साथ वैज्ञानिकों की टीम बनाकर, किसान कल्याण के लिए कार्य करें। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, छोटी जोत, वायरस अटैक और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों के बावजूद उत्पादन में लगातार वृद्धि की दिशा में वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की और प्राकृतिक खेती के जरिए गुणवत्तापूर्ण उत्पाद की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
केन्द्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chauhan ने कहा कि दलहन और तिलहन में प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाने और बड़े पैमाने पर शोध करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जोत के आकार छोटे हैं, इसलिए बड़ी मशीनों की जरूरत नहीं। छोटी मशीनें बनाने पर जोर देना होगा।
जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की सेल्फ लाइफ बढ़ाने की दिशा में शोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन करते समय ध्यान दिया जाये कि जिन कंपनियों के साथ समझौते हो रहे हैं वे किस कीमत पर बीज और उत्पाद बेच रही हैं इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए अन्यथा वैज्ञानिकों के शोध का लाभ किसानों को नहीं मिल पायेगा।
Shivraj Singh Chauhan ने यह भी बताया कि किसानों की शिकायतों के लिए आधिकारिक तौर पर एक टोल फ्री नंबर जारी किया जायेगा। मानक से कमतर उर्वरक या बीज कोई उनके साथ धोखा करता है तो किसान इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि 30 हजार बायोस्टिमुलेंट बेचे जा रहे थे जिसके संबंध में सख्ती से कदम उठाया गया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए कहा है।
Shivraj Singh Chauhan किसानों की शिकायतों के लिए आधिकारिक तौर पर एक टोल फ्री नंबर जारी किया जायेगा
उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को गैर-उपयोगी उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से जन औषधि केंद्रों के रूप में सस्ती दवाइयों की दुकान हैं, उसी तर्ज पर सस्ते उर्वरकों के लिए भी केंद्र या दुकान खोलने पर विचार किया जा सकता है।

