पटियाला- पंजाब में Shambhu border से प्रदर्शनकारी किसानों को हटाए जाने के बाद गुरुवार को पुलिस द्वारा किसानों के बनाये अस्थायी मंच और अस्थायी आश्रय स्थलों को बुलडोजर और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल कर हटा दिया है। जिसके बाद अब शंभू बार्डर पूरी तरह से खोल दिया गया है।
Shambhu border से 21 को फिर दिल्ली कूच करेंगे 101 किसान
Shambhu border खुलने के बाद वाहन वहां से गुजरने लगे है। हालांकि पहले धरने के कारण लोगों को गांव से होकर गुजरना पड़ता था। जिसके बाद अब लोग सीधा हाइवे से गुजर सकेंगे। पुलिस द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंढेर समेत कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया गया है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे शंभू और खनौरी बॉर्डर खोलना चाहते हैं। चीमा ने कहा कि किसानों को दिल्ली या कहीं और धरना देना चाहिए क्योंकि उनकी मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं।
एक साल से ज्यादा हो गया Shambhu border बंद हैं
आप सरकार और पंजाब के लोग तीन काले कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध में उनके साथ खड़े थे। किसानों की मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं। एक साल से ज्यादा हो गया Shambhu border बंद हैं। पंजाब के व्यापारी, युवा बहुत परेशान हैं। जब व्यापारी व्यापार करेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे नशे से दूर रहेंगे।