*दुकानों में अवैध रूप मध्य रात्रि में घुसकर अवैध रूप से किए गए कब्जे तथा दुकानों में रखे सामान को क्षतिग्रस्त करने के मामले में मामला हुआ दर्ज*
#पुलिस ने मुख्य आरोपी को शांति भंग के आरोप में किया गिरफ्तार न्यायालय में किया पेश मजिस्ट्रेट ने किया रिहा#
“पीड़ित के प्रार्थना पत्र पर पिता पुत्र सहित 6 लोगों के विरुद्ध मामला हुआ दर्ज”
*मुख्य आरोपी को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तारी का मामला बना चर्चा का विषय जनता के गले तरे नहीं उतर रहा है मामला*
सहसवान (बदायूं) सोमवार की रात बदायूं मेरठ राज्य मार्ग पर स्थित अकबराबाद चौराहे पर कृष्ण चंद उर्फ के सी शाक्य की प्रॉपर्टी पर मध्य रात्रि 11:12 बजे के लगभग भू माफियाओं ने महिलाओं के साथ प्रॉपर्टी के ताले तोड़कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया मामले की जानकारी होने पर एक जनप्रतिनिधि द्वारा हस्तक्षेप करने के उपरांत पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लाई!
पीड़ित कृष्ण चंद उर्फ के सी शाक्य के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने अपराध संख्या 157 धारा 191/2, 329/4, 351, 351 / 3 ,324/4 ने अभियुक्त जगदीश पुत्र रक्षपाल सोमपाल पुत्र रमेश प्रमोद पुत्र जगदीश लाल पुत्र खुशीराम वीरपाल पुत्र दयाराम तथा वसीम पुत्र ना मालूम निवासी मोहल्ला नसरुल्लागंज सहसवान के विरुद्ध अपराध पंजीकृत कर लिया l
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए जगदीश पुत्र रक्षपाल निवासी चंदनपुर को जीडी संख्या 45 किशन चंद बनाम जगदीश के नाम से शांति भंग करने के जुर्म में अपराध संख्या 173, 126, 135, के अंतर्गत पुलिस टीम उप निरीक्षक कमल सिंह आरक्षी अमित शर्मा ,पुष्पेंद्र कुमार के द्वारा न्यायालय मजिस्ट्रेट सहसवान में बाद दायर संख्या टी 26 120 7040 में न्यायालय में पेश किया गया जहां यूपी जिला मजिस्ट्रेट ने जगदीश को₹200000 के मुचलके पर न्यायालय से रिहा कर दिया।
जगदीश को तो पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद शांति भंग करने के जुर्म में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया जहां से वह रिहा हो गया। इसी जगदीश पुत्र रक्षपाल निवासी चंदनपुर सहित इसके पुत्र प्रमोद सोमपाल पुत्र रमेश लाल पुत्र खुशीराम वीरपाल पुत्र दयाराम वसीम पुत्र ना मालूम निवासी मोहल्ला नसरुल्लागंज के विरुद्ध अपराध संख्या 157 बेट 26 के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अपराध पंजीकृत कर लिया अब प्रश्न पैदा होता है की जगदीश को गिरफ्तार ही क्यों किया गया हर गिरफ्तार किया गया तो उसके विरुद्ध शांति भंग में गिरफ्तार कर परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय क्यों भेजा गया अगर परगना मस्जिद न्यायालय जगदीश को भेजा गया तो फिर उसी दिन उसके विरुद्ध अपराध संख्या 157 बाते 26 में उसे आरोपी क्यों बनाया गया।
जगदीश को एक ही बाद मैं दो-दो मुकदमे में प्रतिवादी क्यों बनाया गया यह मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है आखिर पुलिस को जगदीश के लिए क्यों शांति भंग के आरोप में गिरफ्तारी दिखाई और क्यों उसके विरुद्ध गंभीर धाराओं में अपराध पंजीकृत कर लिया जब जगदीश पुलिस हिरासत में था और उसके विरुद्ध प्रार्थना पत्र पीड़ित वादी कृष्ण चंद उर्फ के सी शाक्य के द्वारा दिन दोपहर में ही प्रार्थना पत्र अपराध पंजीकृत करने के लिए दे दिया गया तो आखिर कई घंटे तक पीड़ित के प्रार्थना पत्र को क्यों छुपा के रखा गया और रात में उसके विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त बना दिया।
आखिर पुलिस ने जिसे शांति भंग में गिरफ्तार कर रही है उसके विरुद्ध इस दिवस को गंभीर धाराओं में अपराध पंजीकृत करने का मामला क्षेत्र की जनता के गले से नहीं उतर रहा है क्षेत्र में उपरोक्त मामला चर्चा का विषय बना हुआ है अब देखना है कि जिले के आला अफसर उपरोक्त मामले मेंक्या निर्णय लेते हैं। या फिर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, स्थानीय पुलिस को क्लीन चिट दे देते हैं।

