*शपथ पत्र पर चल रहा था 9 माह से नीलम हेल्थ केयर सेंटर * आखिर कसूरवार कौन?
#आईजीआरएस पर जब शिकायत हुई तब हुई छापामारी, चिकित्सा अधीक्षक ने दिया नोटिस, जवाब न मिलने पर चिकित्सालय स्वामी के विरुद्ध कराई मामले की रिपोर्ट दर्ज#
सहसवान (बदायूं) चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी ने बदायूं मेरठ राज्य मार्ग टोल नंबर चार पर फर्जी रूप से 9 माह से चल रहे नीलम हॉस्पिटल संचालक के विरुद्ध गंभीर धाराओं में थाना कोतवाली सहसवान में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है!
ज्ञात रहे सहसवान थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भमोरी निवासी आदेश पुत्र राजेंद्र ने आइजीआरएस संख्या 400 1492 600977 5 मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए अवगत कराया की सहसवान क्षेत्र में टोल नंबर चार पर नीलम हेल्थ केयर सेंटर बिना पंजीकरण के चल रहा है जिसमें क्षेत्र के भोले भाले लोगों के साथ जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है मामले की तत्काल जांच कर संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
आईजीआरएस पर मिली शिकायत के उपरांत चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी ने 13 मार्च को नीलम हेल्थ केयर सेंटर पर टीम के साथ छापा मारा तो वहां उन्हें केंद्र पर कई मरीज मिले तथा एक कंचन कर्मचारी मिली जिसने बताया केंद्र के अभिलेख अशोक कुमार श्रीमती नीलम देवी के पास रखे हैं वही अभिलेख आपको उपलब्ध कराएंगे जिस पर चिकित्सा अधीक्षक ने अशोक कुमार को एक नोटिस भेज कर अभिलेख दिखाई जाने के लिए सोलह मार्च तक का समय दिया गया था परंतु नीलम हेल्थ केयर सेंटर के स्वामी अशोक कुमार पुत्र हर प्रसाद श्रीमती नीलम देवी द्वारा समय अवधि में नीलम हेल्थ केयर सेंटर का पंजीकरण एवं अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने पर डॉक्टर प्रशांतत्यागी ने नीलम हेल्थ केयर सेंटर के प्रबंधक अशोक कुमार पुत्र हर प्रसाद निवासी पहाड़पुर जिला फिरोजाबाद श्रीमती नीलम देवी मकान नंबर 10 गोली होटल छारबाग फिरोजाबाद के विरुद्ध अपराध संख्या 107 धारा 125 राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की धारा 34 बटे दो के अंतर्गत मामले की दोनों आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
डॉ प्रशांत त्यागी ने पत्र में अवगत कराया कि उपरोक्त संचालक अशोक कुमार द्वारा 31 जुलाई 2025 को एक प्रार्थना पत्र शपथ पत्र के कार्यालय को उपलब्ध कराया गया जिसमें लिखा गया कि वह बिना पंजीकरण के हॉस्पिटल नहीं चलाएंगे परंतु 31 जुलाई 2025 के बाद हॉस्पिटल निरंतर चलता रहा आखिर इसके लिए दोषी कौन है काश आदेश पुत्र राजेंद्र ने आईजीआरएस पर फर्जी रूप से चल रहे नीलम हेल्थ केयर सेंटर की अगर शिकायत नहीं की होती तो धड़ल्ले से नीलम हेल्थ केयर सेंटर पर सीधे-साधे भोले भाले लोगों की जीवन से खिलवाड़ हो रही होती आखिर मामले की गंभीरता से जांच की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा शायद ऐसा हो पाना नामुमकिन है परंतु अपने ही द्वारा स्वयं चिकित्सा अधीक्षक द्वारा आरोपियों के विरुद्ध दर्ज कराई गई रिपोर्ट में अवगत कराया गया की 31 जुलाई 2025 को उन्होंने बिना पंजीकरण के अस्पताल चलाने का आश्वासन दिया था परंतु उसके बाद नीलम हेल्थ केयर सेंटर भोले भाले सीधे-साधे लोगों की बीते 9 माह से उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करता रहा उसके कसूरवारों को भी सजा मिलेगी या नहीं यह तो आने वाला वक्त बताएगा,,,,,,,,,,,,


