*राजस्व संग्रह कर्मचारियों को नहीं मिला दो माह से वेतन, परिवार पहुंच भुखमरी के कगार पर*
#बेतन ना मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश, तहसील प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन करने की बन रही है रणनीति#
सहसवान(बदायूं) तहसील सहसवान के राजस्व कर्मचारियों को बीते दो माह (दिसंबर जनवरी वर्ष 2025/26) वेतन भुगतान न होने के कारण उनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है आज जबकि माह फरवरी के 10 दिन व्यतीत हो चुके हैं परंतु तहसील प्रशासन द्वारा उनका वेतन भुगतान न मिलने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना था कि हमें अपने क्षेत्र में राजस्व वसूली के लिए सूरज निकलने से पहले क्षेत्र में भ्रमण करना पड़ता है जिससे बकायादार से घर पर ही वसूली की जा सके और उसे बकाया राजस्व वसूली की संपूर्ण जानकारी से अवगत कराया जा सके। ना अपना नाम न छापने की शर्त पर अधिकांश कर्मचारियों का कहना था कि वह दूर दराज के क्षेत्र से देर रात तक घर वापस लौट पाते हैं जिससे उन्हें हर वक्त अप्रिय घटनाओं का भय सताता रहता है।
कितने कठिन परिश्रम के बावजूद भी कर्मचारियों को समय से वेतन न मिलने के कारण तहसील प्रशासन के अधिकारियों की है हटधर्मी मनमानी परिलाक्षित होती है। जो कर्मचारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें राजस्व वसूली में भी वसूली का लक्ष्य दिया जाता है जिसे हासिल करना समय अवधि में एक कठिन और जोखिम भरा कार्य होता है परंतु समय अवधि में कठिन और जोखिम भरे कार्य करने में भी राजस्व कर्मचारी किसी भी कीमत पर पीछे नहीं रहते हैं और अपना समय अवधि में लक्ष्य पूरा करके तहसील प्रशासन के अधिकारियों की पीठ जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा थपथपाई जाती है ।
इन सब के बावजूद भी समय पर तहसील प्रशासन के अधिकारियों द्वारा वेतन का भुगतान न दिए जाने से कर्मचारियों में आक्रोश की भावना रही है उन्होंने अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
इस बाबत तहसीलदार राकेश कुमार से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया संपर्क नहीं होसका।

