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Sahaswan news: ना हॉलमार्क,न रजिस्ट्रेशन सहसवान में सर्राफा कारोबार में मनमानी, ग्राहक हो रहे शोषण का शिकार

On: February 5, 2026 10:03 PM
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*न हॉलमार्क,न रजिस्ट्रेशन सहसवान में सर्राफा कारोबार में मनमानी, ग्राहक हो रहे शोषण का शिकार*

सहसवान (बदायूं) नगर में सर्राफा कारोबार इन दिनों पूरी तरह सवालों के घेरे में है। नगर में बड़ी संख्या में सर्राफा कारोबारी बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के खुलेआम सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह कि अधिकांश दुकानों पर बिकने वाले आभूषणों पर हॉलमार्क नहीं होता जिससे उनकी शुद्धता पर गंभीर संदेह बना रहता है।स्थानीय ग्राहकों और सूत्रों के अनुसार आभूषण गिरवी रखने के बदले ग्राहकों को पक्की रसीद नहीं दी जाती बल्कि केवल एक साधारण पर्ची थमा दी जाती है। विवाद की स्थिति में ग्राहक के पास कोई ठोस प्रमाण नहीं बचता। यही कारण है कि आए दिन सर्राफा कारोबारियों और ग्राहकों के बीच कहासुनी से लेकर मारपीट तक की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।सबसे गंभीर आरोप यह है कि गिरवी रखे गए आभूषणों पर सर्राफा कारोबारी 3 से 4 प्रतिशत तक मासिक ब्याज वसूल रहे हैं जो नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। इसके बावजूद न तो संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है और न ही नियमित जांच देखने को मिलती है।नगर में अवकाश के दिनों में भी कई सर्राफा दुकानें खुलेआम संचालित हो रही हैं जो व्यापारिक नियमों का सीधा उल्लंघन है। कई दुकानों पर न तो दुकान का स्पष्ट नेम बोर्ड लगा है और न ही आभूषणों की शुद्धता जांचने के लिए कोई मानक यंत्र उपलब्ध है।

इतना ही नहीं कुछ दुकानों पर अत्यधिक तेज रोशनी (चकाचौंध) की जाती है जिससे ग्राहक आभूषण की सही पहचान तक नहीं कर पाते और धोखे का शिकार हो जाते हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि कई सर्राफा दुकानों पर नाबालिगों से काम कराया जा रहा है जो बाल श्रम कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में हर माह कई बार शिकायतें पुलिस तक पहुँचती हैं लेकिन आरोप है कि अधिकांश मामलों को पैसे लेकर रफा-दफा कर दिया जाता है।

ग्राहकों का यह भी आरोप है कि जब वे अपने गिरवी रखे आभूषण छुड़ाने जाते हैं तो उन्हें कई-कई महीनों तक टहलाया जाता है जानबूझकर बहाने बनाए जाते हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना निगरानी और बिना नियमों के चल रहे इस कारोबार से सर्राफा कारोबारी दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की कर रहे हैं जबकि आम उपभोक्ता लगातार ठगा जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगा या फिर यह अवैध कारोबार यूँ ही फलता-फूलता रहेगा। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्राफा कारोबार की सख्त जांच हॉलमार्क की अनिवार्यता नाबालिगों से काम पर रोक और सोने चांदी के गिरवी लेन-देन पर कड़े नियम तत्काल लागू किए जाएँ ताकि आम जनता को राहत मिल स

के।

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