“ग्राम पंचायत समिति की लापरवाही से प्राथमिक विद्यालय भूढ़िया के बच्चे एक-एक बूंद पानी को तरसे”
‘विद्यालय में पेयजल के सभी संसाधन ध्वस्त’
” मामला संज्ञान में आने के बावजूद अधिकारियों ने भी चुप्पी सादी, अभिभावकों में आक्रोश,”
*विद्यालय के मुख्य द्वार पर अभिभावक कर सकते हैं धरना प्रदर्शन*
सहसवान (बदायूं) विकासखंड सहसवान के अधिकारियों की लापरवाही कहा जाए या निष्क्रियता ब्लॉक संसाधन केंद्र सहसवान के अंतर्गत ग्राम पंचायत खितौरा कुंदन के मजरा भूड़िया के प्राथमिक विद्यालय में बीते दो वर्षों से बच्चों की प्यास बुझाने के लिए लगे इंडिया मार्क हैंडपंप खराब पड़ा है खराब पड़े होने की जानकारी गत वर्ष मिलने पर पंचायत समिति ने 8 अगस्त को हैंडपंप के रिवोर मरम्मत के नाम पर लगभग 42000 फर्जी वाउचर लगाकर हड़प लिया जिसकी जानकारी होने पर समाचार पत्रों में मामला खुलासा हुआ खुलासा होने के बावजूद भी अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेना उचित नहीं समझा जिसके कारण विद्यालय में बच्चों को प्यासा रहना पड़ रहा है। मामले की जानकारी जब बच्चों ने अपने परिजनों को घर जाकर बताई तो अभिभावक आक्रोशित हो गए और उन्होंने विद्यालय पहुंचकर प्रधानाध्यापक से नाराजगी प्रकट की प्रधानाध्यापक द्वारा अभिभावकों को बताया गया की इंडिया मार्क हैंडपंप खराब होने की जानकारी ग्राम प्रधान को काफी समय पूर्व दी जा चुकी है साथ साथ मामले की जानकारी खंड विकास अधिकारी सहसवान को भी पत्र द्वारा प्रेषित की जा चुकी है परंतु बीते दो वर्षों से खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंप को सही नहीं कराया गया जिसके कारण बच्चों को प्यासा रहने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। प्रधान अध्यापक द्वारा अभिभावकों को साक्ष्य के रूप में दिखाई जाने अभिभावक अपनी-अपने घरों को चले गए चर्चा है की शुक्रवार को बच्चों के अभिभावक विद्यालय पर धरना प्रदर्शन कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत समिति द्वारा विद्यालय में इंडिया मार्क हैंड पंप खराब होने पर वर्ष 2024 25 में पंचायत निधि से 8 अगस्त 2024 को हैंड पंप की मरम्मत एवं रिवोर के नाम पर वाउचर संख्याxvfc/2024/2025/p/12 में रुपये 22247/ दिनांक 8 अगस्त 2024 तथा दूसरे वाउचर संख्या xvfc/2024/2025/p/13 मैं रुपए 19150/ का फर्जी वाउचर लगाकर समिति द्वारा रुपए हड़प लिए गए जबकि उपरोक्त लेखा-जोखा ई स्वराज पोर्टल पर अपलोड है। जानकारी मिलने पर समाचार पत्र में उपरोक्त फर्जी वाउचर लगाकर किए गए पेमेंट का भंडाफोड़ 28 जुलाई वर्ष 2024 को मुख्य रूप से प्रकाशित किया गया था परंतु उसके बावजूद भी अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेना उचित नहीं समझा।[ez-toc]

बताया जाता है की सुबह विद्यालय में मिड डे मील के उपरांत बच्चों को प्यास लगी तो वह खराब पड़े इंडिया मार्क हैंडपंप पर ना जाकर समरसेबल पानी की टंकी पर पहुंचे तो वहां भी अपनी नदारत था क्योंकि बीते चार दिनों से विद्युत व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण सबमर्सिबल से पानी का टैंक भी नहीं भरा था इसके कारण बच्चों को आज पूरे दिन विद्यालय में प्यासा रहना पड़ा भीषण एवं उमश भरी गर्मी के चलते मासूम बच्चे पानी की प्यास के कारण से तिलमिला उठे। विद्यालय का स्टाफ भी एक-एक बूंद पानी के लिए तरस गया छुट्टी होने पर बच्चे अपने घरों पर पहुंचे और उन्होंने विद्यालय में पानी की व्यवस्था न होने पर उसका दुखड़ा रोते-रोते अपने अभिभावकों को बताया जिससे अभिभावक भी विचलित हो उठे तथा वह तत्काल प्राथमिक विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने शिक्षकों पर पानी की व्यवस्था न होने पर नाराजगी प्रकट की परंतु प्रधान अध्यापक द्वारा नाराज अभिभावकों को इंडियामार्का हैंडपंप खराब होने की लिखित रूप में की गई शिकायत साक्ष्यों के रूप में दिखाए जाने पर अभिभावकों का गुस्सा शांत हुआ।
अभिभावकों का कहना है कि जब प्रधानाध्यापक द्वारा अधिकारियों तथा ग्राम प्रधान को हैंडपंप खराब होने की जानकारी समय से दे दी गई तो इसके लिए अधिकारी एवं ग्राम प्रधान ही जिम्मेदार हैं अगर वह विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था सुचारु रखने में सक्षम नहीं है तो हम चंदा करके ही विद्यालय का हैंडपंप सही करा देंगे पर बच्चों को प्यासा नहीं रहने देंगे अभिभावकों का कहना है कि गत वर्ष ही जब ग्राम पंचायत समिति द्वारा विद्यालय में खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत रखरखाव के नाम पर 42000 फर्जी रूप से हड़प लिए गए इससे बड़ी लज्जा जनक बात और क्या हो सकती है । अब देखना है कि शुक्रवार को ग्रामीण लोग हैंड पंप विद्यालय में खराब होने पर अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं या फिर विद्यालय के मुख्य द्वार पर हैंडपंप दुरुस्त कराए जाने के लिए प्रदर्शन करते हैं। इधर मामले की जानकारी खंड विकास अधिकारी सतीश कुमार को भी दी गई तो उन्होंने पंचायत अधिकारी से भी तत्काल विद्यालय में खराब पड़े हैंड पंप को दुरुस्त कराए जाने के निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

