नगर में भारत स्वच्छ अभियान की हवा निकाली, जगह-जगह लगे गंदगीके ढेर,
गंदगी कीचड़ से बज बजा रहे हैं नाले नालिया, सड़कों पर लगे गंदगी के देर से लोगों का निकलना हुआ मुश्किल,

(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)
सहसवान (बदायूं) केंद्र सरकार द्वारा देश भर में भारत स्वच्छ अभियान के अंतर्गत नगरों को स्वच्छ रखने के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि खर्च कर रही है परंतु नगर पालिका परिषद सहसवान में बीते कई माह से भारत स्वच्छ अभियान की हवा निकलती दिखाई दे रही जगह-जगह सड़कों पर लगे गंदगी के ढेर कीचड़ एवं गंदगी से बजबजाती नाले नालिया तथा सड़कों पर हुआ जल भराव भारत स्वच्छ अभियान की हवा निकल रहा है जबकि अधिकारियों की नजर में पालिका परिषद के अधिकारियों द्वारा वाही वाही लूटने के उद्देश्य से स्वच्छ स्थान पर चांद फोटोग्राफी करके नगर सहसवान में भारत स्वच्छ अभियान को नगर सहसवान स्वच्छ घोषित किया जा रहा है जबकि वास्तव में नगर सहसवान में भारत स्वच्छ अभियान को जो पलीता लगाया जा रहा है उसके चंद फोटो ही अभियान की पोल खोलने के लिए काफी हैं। 
गौरतलव है केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक नगर में बीते कई वर्षों से भारत को स्वच्छ रखने के उद्देश्य करोड़ों रुपए भारत स्वच्छ अभियान योजना चलाकर खर्च किए जा रहे हैं तथा नगरों को स्वच्छ रखने वाले अधिकारी कर्मचारियों को प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर उत्सवर्धन हेतु सम्मानित भी किया जा रहा है। 
उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के नगर पालिका परिषद सहसवान सीमा में बीते कई माह से भारत स्वच्छ अभियान पूर्ण रूप से दम तोड़ता नजर आ रहा है कहीं आपको सड़कों पर दूषित जल भराव में लोगों का आवागमन होता हुआ दिखाई देगा तो कहीं भीषण गंदगी के बीच लोगों की आवाजाही हो रही होगी तो कहीं भीषण गंदगी से बज बजाते नालें, नालियो से उठती दुर्गंध तथा उनमें पल रहे मक्खीमच्छर से हर आदमी परेशान होकर रह गया है। जानकार सूत्रों का कहना है की नगर पालिका परिषद सहसवान में नगर को स्वच्छ साफ रखना के लिए लगभग ढाई सौ से ज्यादा सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं परंतु इतनी लंबी फौज के बाद भी बीते कई माह से नगर पालिका परिषद सहसवान के गली मोहल्ले बरसात के मौसम में भी भीषण गंदगी लवरेज है। नगर में कई वर्ष पूर्व नगर की गंदगी को उठाने वाले चार पहिया दो पहिया वाहनों पर घरेलू कूड़े को उपरोक्त वाहनों में डालने के उद्देश्य से वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए गए थे जिनका उद्देश्य इतना था कि वह प्रत्येक गली मोहल्ले में घरों के पास पहुंचते ही उनसे आवाज सुनाई देगी कूड़े की गाड़ी आ गई कूड़ा गाड़ी में डालो परंतु जैसे-जैसे समय बिता गया उपरोक्त वाहनों से ध्वनि विस्तारक यंत्र गायब होते चले गए लोगों को पता ही नहीं चलता की कब कूड़ा उठाने वाला वाहन घर के पास से गुजर गया और वह अपने कूड़े को घर से बाहर डाल देते हैं जिससे सड़कों पर कूड़े के लंबे-लंबे ढेर दिखाई देते हैं और तो और नगर में वर्षा ऋतु से पूर्व शासनदेशो के मुताबिक नगर के प्रति के बड़े-बड़े नाले एवं नालियों की तड़ी झाड़ सफाई हो जानी चाहिए थी परंतु ऐसा नहीं हुआ नगर का कोई भी ऐसा नाला नहीं है जिसकी वर्षा ऋतु से पूर्व तड़ी झाड़ सफाई हुई हो कई नाले तो ऐसे हैं जिसमें गंदे पानी की निकासी का कोई भी मार्ग नहीं है वह पूर्ण रूप से बंद पड़े हैं और तो और कहीं सड़कों पर ऊंचे नाले हैं जिसमें सड़कों का पानी नहीं जा सकता बरसात का एवं घरों से निकलने वाला दूषित पानी सड़कों पर ही फैला हुआ दिखाई देगा।
सबसे ज्यादा गंदगी तो नगर के मोहल्ला शहबाजपुर कश्यप बस्ती, श्रीमाली बस्ती, मौर्य बस्ती के अलावा मोहल्ला कटरा मोहल्ला जहांगीराबाद नई आबादी मोहल्ला अकबराबाद नई आबादी मोहल्ला मोहद्दीनपुर कश्यप बस्ती में गली कूचे गंदगी एवं दूषित नाले नाली एवं उनमें भरे हुए कचरे को ना निकाले जाने से ओवर होता दूषित पानी सड़कों पर जमा होकर आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहा है। और तो और नाले नालियों के दोनों ओर जमी हुई सिल्ट (काई) के ऊपर जमी हुई बड़ी-बड़ी घास कीड़े मकोड़े को दावत देती हुई दिखाई दे रही है! 
ऐसा नहीं की उपरोक्त नगर में भीषण गंदगी जल भराव की शिकायत नहीं की जा रही हो परंतु शिकायतों का निस्तारण धरातल पर न होकर सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित होकर रह गया है।
नगर में भारत स्वच्छ अभियान के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा निकाली गई हवा को नगर के जागरूक लोक पचा नहीं पा रहे हैं कि आखिर बीते कई माह से अधिकारी कर्मचारियों द्वारा भारत स्वच्छ अभियान को क्यों पलीता लगाया जा रहा है अगर वारिकी से जिला स्तर के अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर नगर सहसवान के भारत स्वच्छ अभियान को पलीता लगाए जाने की स्थलीय जांच करें तो स्वयं में समझ जाएंगे आखि़र दाल में कुछ तो काला है।
अब देखना है की जिला स्तरीय अधिकारी नगर सहसवान में भारत स्वच्छ अभियान को कितना धरातल पर उतार पाते हैं या फिर स्वच्छ अभियान के लिए नगर सहसवान कागजों तक ही सीमित होकर रह जाएगा।

