प्रभु के चिंतन मात्र से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं:पंडित हर्षित उपाध्याय
(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)

सहसवान(बदायूं ) नगर के मोहल्ला जहांगीराबाद में श्री बांकेबिहारी मंदिर में चल रहे श्रीमद भागवत कथा सप्ताह के चौथे दिन कथा व्यास पंडित हर्षित उपाध्याय ने भक्त प्रह्लाद की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु के चिंतन मात्र से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं।
कथा व्यास ने भगवान के 24 अवतारों का बड़ा ही मार्मिकता से वर्णन किया। लोगों को भक्त प्रहलाद के माध्यम से प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि अध्यात्म का संदर्भ केवल उम्रदराज होने पर नही है। यह तो जीवन शैली है इसलिए इसे बाल्यावस्था से अपनाने की आवश्यकता है। भक्त प्रहलाद का प्रसंग लोगों को शिक्षा देता है कि सच्चे भक्त को संकट की चिंता नही, प्रभु का चिंतन करना चाहिए।
प्रभु के चिंतन मात्र से ही सारे संकट खुद दूर हो जाते हैं। कल्चर की चमक दमक में युवा अपनी संस्कृति से विमुख ना हों। कथा व्यास ने कहा देश व समाज की ख़ुशहाली और समृद्धि के लिए देश की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखना ज़रूरी है। हमारी संस्कृति का वास्तविक ज्ञान हमें संतों की शरण में जाकर ही प्राप्त हो सकता है।
उन्होंने कहा गौ माता, सनातन धर्म की रक्षा के लिए भगवान श्री कृष्ण ने धरा पर अवतार धारण कर मानव शरीर को अंगीकार किया।
कथा में भगवान कृष्ण के जन्म के दौरान नंद उत्सव मनाया गया। बधाई गाकर भक्तों ने झूमकर नृत्य किया।
इस मौके पर कथा में दीपान्शु माहेश्वरी, पंडित राम प्रकाश, संतोष गांधी, ज्योति माहेश्वरी, सिद्धांत, देवांश, हिमांशु, अक्षत सहित भारी तादाद में भक्तजन पुरुष एवं महिलाएं बच्चे उपस्थित थे।
