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Sahaswan news:-आखिर कौन जिम्मेदार, पूर्व सांसद, या चिकित्सा अधीक्षक: पूर्व सांसद द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा को दान में दी गई एम्बुलेंस 23 माह से लापता, आसमान निकल गया जमीन खा गई या कबाड़ी के हाथों बेच दी गई,

On: July 19, 2025 10:03 PM
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:आखिर कौन जिम्मेदार,
पूर्व सांसद, या चिकित्सा अधीक्षक:
पूर्व सांसद द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा को दान में दी गई एम्बुलेंस 23 माह से लापता,
आसमान निकल गया जमीन खा गई
या कबाड़ी के हाथों बेच दी गई,
उपरोक्त मामले की क्षेत्र की जनता कर रही है चर्चा,


(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)
सहसवान (बदायूं) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा से संबद्ध क्षेत्र की जनता को 23 माह पूर्व पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा को गोद लेने के बाद अपने निजी कोष से लाखों रुपए कीमत की सभी सुविधाओं से सुसज्जित एम्बुलेंस खरीद कर स्वास्थ्य केंद्र को दान में दी गई एंबुलेंस को क्षेत्र की जनता को लाभ न मिल पाने से क्षेत्र की जनता में यह सवाल आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है की पूर्व सांसद डॉ संघमित्रा मौर्य द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा को अपने निजी कोष से दान में दी गई एम्बुलेंस को आसमान निग़ल गया या जमीन खा गई या फिर कबाड़ियों के हाथ कबाड़े में बेच दी गई।

क्षेत्र की जनता द्वारा यह सवाल बार-बार किया जा रहा है कि आखिर लाखों रुपए की कीमत से पूर्व सांसद द्वारा क्षेत्र की जनता को हो रही परेशानी के मध्य नजर दान में दी गई एंबुलेंस दान के ही दिन से कहां लापता हो गई।
ज्ञात रहे पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य ने 1 सितंबर वर्ष 2023 को अपने संसदीय कार्यकाल के समय अपने निजी कोष से एक सुसज्जित एंबुलेंस वाहन सहसवान विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खितोरा कुंदन नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को गोद लेने के बाद एक कार्यक्रम में सहभागिता के उपरांत क्षेत्र की जनता को समर्पित की थी इस मौके पर नगर विधायक महेश गुप्ता भाजपा जिला महामंत्री शारदा कांत एसीएमओ तहसीन अहमद डॉ प्रशांत त्यागी सैयद अशफाक संजीव पहलवान राजीव शर्मा कुलदीप माहेश्वरी हितेश शंख्तर पुरुषोत्तम टाटा सहित अनेक संभ्रांत लोक उपस्थित थे इस मौके पर सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जब वन अर्थ वन हेल्थ की बात करते हैं तो यह हमारे काम में भी झलकना चाहिए।


बताया जाता है की पूर्व सांसद डॉ संघमित्रा मौर्य द्धारा अपने निजी कोष से लाखों रुपए की हरियाणा प्रदेश से खरीद कर लाई गई एंबुलेंस का टेंपरेरी नंबर संख्या को स्वयं पूर्व सांसद ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खितौरा पर आयोजित एक विशाल स्वागत सम्मान समारोह में उपरोक्त एंबुलेंस को क्षेत्र की जनता के लाभ के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा उपस्थित जन समूह से दान में दी गई एंबुलेंस वाहन का इमरजेंसी के समय लाभ उठाने को कहा जिसका क्षेत्र की जनता ने पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य के द्वारा दान में दी गई एंबुलेंस का करतल ध्वनि से स्वागत किया तथा उनके सम्मान में जमकर नारेबाजी की तथा उनका आभार प्रकट किया एवं उनके ऊपर जमकर पुष्प पर वर्ष की।
पूर्व सांसद द्वारा क्षेत्र की जनता को इमरजेंसी के समय उपलब्ध होने के उद्देश्य से रवाना की गई एम्बुलेंस उद्घघाटन के समय से ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अज्ञात अज्ञात स्थान के लिए रवाना कर कहां पहुंचा दिया गया इसका आज तक रहस्य नहीं खुल पाया। नहीं क्षेत्र के लोगों को आज तक उसका पता चल पा रहा है आखिर वह एंबुलेंस है कहां किस क्षेत्र की जनता इसका लाभ उठा रही है या उपरोक्त एंबुलेंस को स्वास्थ्य विभाग द्वारा अन्य किसी प्रयोग में लाया जा रहा है क्षेत्र की जनता में यह बात दिन पर दिन जोर पकडती जा रही है लोग आपस में चर्चा कर रहे हैं कि आखिर पूर्व सांसद द्वारा खितोरा क्षेत्र की जनता को समर्पित एम्बुलेंस को विभाग के कर्मचारी कहां ले गए आसमान निगल गया या जमीन खा गई या फिर उपरोक्त एंबुलेंस को कबाड़ा होने पर किसी कबाडी के हाथों चंद पैसे की लालच में बेच दिया गया।
इधर सूत्रों का कहना है कि उपरोक्त एंबुलेंस को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर इस लिए खड़ा कर दिया गया है उसका पंजीकरण नहीं हो सका है पंजीकरण के बिना उपरोक्त एंबुलेंस को चलाना संज्ञेय अपराध है। बताया जाता है कि उपरोक्त एंबुलेंस वाहन हरियाणा प्रदेश के टेंपरेरी नंबर टी ओ 523 एचआर 5319 एएफ पर दर्ज है।
आखिर बीते 23 माह से उपरोक्त एम्बुलेंस का पंजीकरण न कराये जाने के लिए आखिर कौन दोषी है पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य या स्थानीय जनता या जिम्मेदार अफसर आखिर लाखों रुपए की पूर्व सांसद द्वारा जनता को अपनी निजी को से उपलब्ध कराई गई लाखों रुपए कीमत की एंबुलेंस चंद पैसों की खातिर पंजीकरण के लिए किस स्टोर में पंजीकरण का इंतजार कर रही है आखिर इसके लिए कौन कसूरवार है क्षेत्र की जनता पूर्व सांसद या अधिकारीगण क्या क्षेत्र की जनता की जिम्मेदारी है कि उपरोक्त एंबुलेंस का वह पंजीकरण कराय या दानदाता पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य जो लाखों रुपए खर्च करके क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए एक एंबुलेंस दे सकती हैं।तो क्या वह पंजीकरण नहीं करा सकती थी पंजीकरण करा सकती थी अगर किसी भी अधिकारी या क्षेत्र के किसी जागरूक नागरिक ने पूर्व सांसद को एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए कहा होता पंजीकरण भी हो जाता और क्षेत्र की जनता उपरोक्त एम्बुलेंस का लाभ भी ले रही होती आखिर ऐसी कौन सी वजह रही कि बीते 23 माह से पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य द्धारा क्षेत्र की जनता को अपने निजी कोष से उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस का क्या लाभ मिला, संसद को क्या लाभ मिला तथा भारतीय जनता पार्टी जिसकी वह सांसद थी उसे क्या लाभ मिला हां इतना अवश्य है की एंबुलेंस में उपलब्ध मेडिसिन किट उपकरण ऑक्सीजन सिलेंडर इत्यादि जहां कबाड़ा हो गए वाहन की भी आयु कम हो गई। इसके लिए कसूरवार कौन है पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य या स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदार अफसर आखिर इसका पंजीकरण नहीं कराए जाने के लिए कौन दोषी है दोषी के विरुद्ध जिले के ऑल अफसर या उत्तर प्रदेश शासन के अधिकारी कार्यवाही करेंगे या फिर क्षेत्र की जनता को सेवा के लिए आपातकाल के समय उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस वहां को यूं ही कबाड़ा होने देंगे यह सवाल क्षेत्र की जनता की जुबान पर कई माह से चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस बाबत पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य से बात की गई तथा उन्हें याद दिलाया गया कि आपने सहसवान विधानसभा क्षेत्र की ग्राम खितौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सांसद के कार्यकाल में गोद लिया था तथा गोद लेने के उपरांत क्षेत्र की जनता को आपातकाल के समय मरीज को वाहन उपलब्ध न हो पाने की समस्या को अपने गंभीरता से लिया तथा अपने एक निजी कोष से लाखों रुपए कीमत की एक एंबुलेंस वाहन हरियाणा से खरीद कर क्षेत्र की जनता को उपरोक्त वाहन सेवा के लिए समर्पित किया था। उपरोक्त वाहन के आपके द्वारा जिस दिन क्षेत्र को समर्पित किया गया था उसी दिन से उपरोक्त वाहन अधिकारियों ने कहां गायब कर दिया इसके बारे में कोई भी अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं है क्षेत्र की जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा जिस पर पूर्व सांसद ने कहा कि वह इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से बात करेंगे परंतु मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा भी पूर्व सांसद डॉक्टर संघमित्रा मौर्य द्वारा मामले को गंभीरता से लेने की गई शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लिया गया अगर उन्होंने गंभीरता से लिया होता तो लापता एम्बुलेंस से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो रही होती। इस बाबत पूर्व सांसद से जब दोबारा उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो संपर्क नहीं हो सका बहराल क्षेत्र की जनता को पूर्व सांसद द्वारा दान में दी गई एंबुलेंस वाहन का लाभ मिल भी पाएगा या नहीं यह तो भविष्य के गर्त में छिपा है परंतु इतना अवश्य है अधिकारियों द्वारा एंबुलेंस वाहन को गुप्त स्थान पर छुपा कर रख देने से वह क्षेत्र की जनता को लाभ लेने से वंचित रखने का जो षड्यंत्र कर रहे हैं वह उनके लिए कभी भी घातक बन सकता है। इसके लिए क्षेत्र की जनता ने क्षेत्र में एक हस्ताक्षर युक्त अभियान चलाकर अभियान की कॉपी मुख्यमंत्री को प्रेषित करने का निर्णय लिया है इसके लिए अभियान प्रारंभ हो गया है परंतु जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से कंधा मोड़ते हुए नजर आ रहे हैं आखिर कब तक एंबुलेंस वाहन उपरोक्त अधिकारी छिपा कर रखेंगे यह तो नहीं कहा जा सकता परंतु हां इतना अवश्य है की लापरवाह अधिकारियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र मिलते ही अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही अमल में अवश्य लाएंगे।

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