नियंत्रक महालेखा परीक्षक लेखा टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर भौतिक सत्यापन एवं स्थलीय निरीक्षण किया,
टीम द्वारा प्रभारी चीफ फार्मासिस्ट से रोगी दवाइयों का वितरण रजिस्टर ना दिखाए जाने पर नाराजगी प्रकट की, तथा टीम ने गंभीर मामला मानते हुए रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा, जिसपर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्मचारियों में हड़कंप मच गया,
(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)
सहसवान (बदायूं) नियंत्रक महालेखा परीक्षक सीएजी लेखा टीम एसीएमओ के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान में वार्षिक निरीक्षण करने के लिए टीम 11:00 के लगभग पहुंच गई।


टीम ने जच्चा बच्चा केंद्र दवाइयां का स्टोर रूम सफाई व्यवस्था रोगियों तथा तीमारदारों की बैठने की व्यवस्था शौचालय मूत्रालय पेयजल खानपान तथा मातृत्व लाभ योजना टीकाकरण एंटी रेबीज एटीएम बूथ कुष्ठ रोगियों का दवाई वितरण नेत्र सहायक कक्ष दांत निरीक्षक कक्ष एक्सरा टेक्नीशियन कक्ष जनरल वार्ड ओपीडी वार्ड इमरजेंसी कक्ष टीकाकरण दवाइयां का रखरखाव वैक्सीन सेंटर तथा ऑपरेशन कक्ष के अलावा जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण केंद्र प्रसुताओं के भरती तथा डिस्चार्ज रजिस्टर का लेखा-जोखा पैथोलॉजी लैब, सफाई व्यवस्था का भौतिक एवं स्थलीय निरीक्षण किया।
आडिट टीम को जब निरीक्षण में सब कुछ ओके मिला तो टीम ने तत्काल कार्यवाहक चीफ फार्मासिस्ट संजीव कुमार पचौरी से रोगियों को दी जाने वाली प्रत्येक दिन वितरण की जाने वाली दबाव का स्टॉक रजिस्टर मांग लिया रजिस्टर संजीव कुमार पचौरी द्वारा उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी प्रकट की जानकार सूत्रों का कहना है की टीम ने ऑडिट में चीफ फार्मासिस्ट संजीव कुमार पचौरी द्वारा दवाइयां का वितरण रजिस्टर न दिखाए जाने को गंभीर मानते हुए मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा तो स्टाफ कर्मचारियों में हड़कंप मच गया लोग इधर-उधर बगंले झांकने लगे।
आडिट टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 3 घंटे रही टीम ने प्रत्येक कक्ष में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया तथा अभिलेखो की बारीकी से पड़ताल की।
बताया जाता है की टीम जितनी देर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शासन द्वारा दी जाने वाली हर योजना का बारीकी से निरीक्षण करती रही इतनी देर स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों के दिल की धड़कन बढ़ती देखी गई।
नियंत्रक महालेखा परीक्षक लेखक टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान का भौतिक एवं स्थलीय सत्यापन कार्य करने की जानकारी मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ आज पूरे किट में तथा गले में लटके हुए आई कार्ड के साथ भ्रमण करता हुआ अपने कार्यों में व्यस्त देखा गया।
आडिट टीम के जाने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली अब उन्हें यह चिंता सता रही है की कहीं आडिट टीम, चीफ फार्मासिस्ट द्वारा दवाई वितरण का रजिस्टर का लेखा-जोखा ना दिखाए जाने की रिपोर्ट शासन को ना भेज दे इसके लिए कर्मचारियों ने गोटे बिछानी शुरू कर दी है। अब देखना है की आडिट टीम फार्मासिस्ट द्वारा प्रत्येक दिन की रोगियों को दी जाने वाली दवाई वितरण का अभिलेख का मामला ठंडा बस्ती में डालती है या शासन को उसकी रिपोर्ट भेजते हैं जिसकी चर्चा पूरे दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी तथा आम लोग परिसर में आपस मे चर्चा करते हुए देखे गए। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका। ऑडिट के समय चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रशांत त्यागी वीरेंद्र सिंह एनएमएसए अशफाक अली एक्सरा टेक्नीशियन कृष्ण बल्लभ चतुर्वेदी नेत्र सहायक, चीफ फार्मासिस्ट संजीव पचोरी शिवेंद्र कुमार, दंत चिकित्सक के अलावा आरबीएस टीम के कर्मचारी एवं स्टाफ भी उपस्थिता था।
