अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

Sahaswan news :- वनरक्षक ने वनविद की रसोई में बनाया मांसाहारी भोजन, वनविद ने किया विरोध तो वनरक्षक ने की गाली गलौज, मारपीट, जाति सूचक शब्दों का प्रयोगकर

On: March 8, 2025 11:05 PM
Follow Us:
---Advertisement---

वनरक्षक ने वनविद की रसोई में बनाया मांसाहारी भोजन,

वनविद ने किया विरोध तो वनरक्षक ने की गाली गलौज, मारपीट, जाति सूचक शब्दों का प्रयोगकर रसोई के समान को किया क्षतिग्रस्त, जान से मार देने की दी धमकी,

तीन माह सात दिन बाद वनरक्षक के विरुद्ध अनुसूचित जाति उत्पीड़न में पुलिस ने किया मामला दर्ज,

मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकार करेंगे,

(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)

सहसवान (बदायूं) एक दिसंबर वर्ष 2024 को सामाजिक बांनिकी क्षेत्र कार्यालय परिसर स्थित आवास वनविद विजय सिंह की रसोई में वनरक्षक अनिल राजपूत ने मांसाहारी भोजन तैयार किया था जिसका वनविद ने किया विरोध तो वनरक्षक ने वनविद के साथ नशे में धुत्त होकर की गाली गलौज विरोध करने पर अनुसूचित जाति शब्दों का प्रयोग करते हुए करने लगा मारपीट तथा रसोई में रखा समान किया क्षतिग्रस्त शोर शरावा सुनकर पहुंचे बंनकर्मियों ने जैस तैसे मामला शांत कराया तो वनरक्षक ने वनविद को जान से मार देने की धमकी दे डाली भयभीत वनविद ने मामले की जानकारी तत्काल विभागीय अधिकारियों को देते हुए रिपोर्ट दर्ज किए जाने के लिए विभागीयआला अफसरों तथा पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर वनरक्षक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की जाने की मांग की जिस पर पुलिस ने दो माह 6 दिन बाद आरोपी वनरक्षक अनिल राजपूत के विरुद्ध संगीत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।मामले की जांच पुलिस क्षेत्रधिकारी सहसवान करेंगे।

वनविद विजय सिंह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रेषित पत्र में बताया कि वह स्टाफ कर्मचारियों के साथ जिला मुख्यालय कार्यालय से एक दिसंबर वर्ष 2024 को सामाजिक वानिकी क्षेत्र कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने अपने रसोईया से दाल चावल खाना बनाने के लिए कहा तो उसने बताया वनरक्षक अनिल राजपूत ने मांसाहारी भोजन मुर्गा का मांस बनवा रखा है मैंने अनिल राजपूत से कहा कि आपने मेरी रसोई में मांसाहारी भोजन क्यों बनाया है तो नशे में धुत वनरक्षक अनिल राजपूत ने मुझे दलित जाति का कहते हुए गाली गलौज करना प्रारंभ कर दी तथा कहा कि तेरी हिम्मत कैसे पड़ी तू दलित जाति का है में कुछ भी खाऊं तू कौन होता है पूछने वाला मैंने कहा मेरी रसोई है इतने कहते ही उसने मारपीट शुरू कर दी तथा रसोई में रखा हुआ सामान तोड़फोड़ कर छतिग्रस्त कर दिया आवाज सुनकर विभागीय कर्मचारी तथा अन्य लोग मौके पर पहुंच गए तो वनरक्षक अनिल राजपूत मुझे जान से मार देने की धमकी देकर भाग गया मैंने मामले की जानकारी तत्काल वनक्षेत्र अधिकारी महोदय को दी तथा जिलास्तरीय अधिकारियों को तत्काल घटना से अवगत कराया।

पीड़ित वनविद विजय सिंह ने बताया कि उसने प्रार्थना पत्र देकर प्रदेश स्तरीय आला अफसर को भी मामले से अवगत कराते हुए वनरक्षक अनिल राजपूत के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग की साथ ही पीड़ित ने अनुसूचित जाति आयोग में भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की जाने की मांग की जिस पर थाना कोतवाली पुलिस ने अपराध संख्या 107 धारा 333, 115/2, 351/2, 352 अनुसूचित जाति उत्पीड़न की गंभीर धाराओं में मामला वनरक्षक अनिल राजपूत के विरुद्ध दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है!

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!