सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे प्रधानमंत्री जन औषधि मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर ड्रग इंस्पेक्टर
बाही बाही, लूट कर लौट वापस मुख्यालय,
जबकि सहसवान नगर देहात क्षेत्र में बिना पंजीकरण के चल रहे हैं सैकड़ो मेडिकल स्टोर,
जिन पर ड्रग इंस्पेक्टर ने जांच करना नहीं समझा मुनासिब,
ड्रग इंस्पेक्टर चंद्र दलालों के इशारों पर सहसवान तहसील क्षेत्र में बिना पंजीकरण के चलवा रहे हैं मेडिकल स्टोर,
नगर के संभ्रांत लोगों ने मुख्यमंत्री आईजीआरएस पर ड्रग इंस्पेक्टर की सहसवान तहसील क्षेत्र में चल रही हिटलर शाही कार्य प्रणाली की जांच कराई जाने की की मांग,
(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)

सहसवान (बदायूं) बदायूं जनपद की सहसवान तहसील पर तैनात ड्रग इंस्पेक्टर की साथ गांठ से सहसवान नगर एवं इतिहास क्षेत्र में सैकड़ो की तादाद में बिना पंजीकरण के मेडिकल स्टोर खोलकर लोग दवाएं बेच रहे हैं यही नहीं मेडिकल स्टोर पर पहुंचे लोगों को बीमारी की पूछ कर उन्हें दवाई की पुड़िया बनाकर भी दे रहे हैं यह धंधा अनेक मेडिकल स्टोर पर देखा जा सकता है!
बताया जाता है की सहसवान नगर क्षेत्र के कुछ चंद दलाल प्रवृत्ति के लोग ड्रग इंस्पेक्टर से साथ गांठ करके ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्यवाही कराते हैं जो उनके झांसे में नहीं आते हैं अगर उनकी बात मानकर कार्य करते रहे तो कोई बात नहीं और उनकी नहीं मानी तो वह ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाकर छाप मरवाते हैं ऐसा ही एक मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला जहां प्रधानमंत्री जन औषधि मेडिकल स्टोर पर पहुंचे चंद दलालो ने दबाव डालने का प्रयास किया परंतु चर्चा है उपरोक्त मेडिकल स्टोर स्वामी ने दबाव मानने से इनकार कर दिया तो उपरोक्त चंद दलाल प्रवृत्ति के लोगों ने उपरो कट प्रधानमंत्री जन औषधि मेडिकल स्टोर पर ड्रग इंस्पेक्टर से छापा मरवा दिया छापे के दौरान भी मौके पर पहुंचे दलालों ने मामले को निपटने का भी प्रयास किया परंतु मेडिकल स्टोर स्वामी ने इनकार कर दिया ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि उपरोक्त मेडिकल स्टोर पर जन औषधि के अलावा बाहर की दवाइयां भी बरामद हुई है।
चर्चा है कि ड्रग इंस्पेक्टर क्या एक ही मेडिकल स्टोर पर छापा मारने आए थे क्या छापा मारने से पूर्व या उनके सहसवान आने से पूर्व बगैर पंजीकरण के चला रहे मेडिकल स्टोर स्वामी को सूचना कैसे मिल गई कि ड्रग इंस्पेक्टर छापामारी करने के लिए आ रहे हैं ऐसे मेडिकल स्टोर स्वामी जिनका दूर-दूर तक कोई पंजीकरण नहीं है सिर्फ मीठी-मीठी बातों के बल पर अपना काम चलाते हैं तथा ड्रग इंस्पेक्टर की चापलूसी करते हैं इसी चापलूसी के चलते उनके मेडिकल स्टोर पर ड्रग इंस्पेक्टर छापा मारना इसलिए उचित नहीं समझते कि उनकी कुछ चापलूसी कम हो जाएगी।
बताया जाता है कि ड्रग इंस्पेक्टर का वाहन जिन-जिन मार्गो से गुजरा उन मार्गों पर ही सैकड़ो की तादाद में बिना पंजीकरण के मेडिकल स्टोर चल रहे हैं जिनका निरीक्षण करना उचित नहीं समझा अगर उचित समझा तो सिर्फ चापलूसों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे प्रधानमंत्री जन औषधि मेडिकल स्टोर पर बिक रही अन्य दवाएं जिनकी बिक्री की जा रही थी सूचना मिलते ही पहुंच गए ड्रग इंस्पेक्टर और छापामारी करके मेडिकल स्टोर से बाहरी दवाई की बरामदगी करके एक सेल्फी अपने साथ खिंचवाकर फोटो अधिकारियों को भेज कर वाही वाही लूट ली तथा एक प्रेस नोट बनाकर जारी कर दिया कि आज हमने एक बहुत बड़ा,,,,,,,,,,,,,,,,,,
नगर के कई संभ्रांत लोगों ने मुख्यमंत्री आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करते हुए बिना पंजीकरण के नगर एवं देहात क्षेत्र में चल रहे मेडिकल स्टोर स्वामियों के विरुद्ध ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा कार्यवाही ना किए जाने की जांच कराए जाने की मांग की।
शिकायती पत्र में चंद्रपाल भूरेलाल असलम प्रदीप कुमार चुन्नू लाल सलीम मोहम्मद अरशद मोहम्मद अली प्रेमपाल भजनलाल कालीचरण जग प्रसाद मोहम्मद अली जंग बहादुर पोशाखीलाल बांके बिहारी आदि लोगों के हस्ताक्षर हैं।
इस बाबत ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश से उनका पक्ष जानने का मोबाइल पर प्रयास किया गया पर संपर्क नहीं हो सका।
