पटना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे। यहां उन्होंने पहले दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास पहुंचकर पिछड़े, अति पिछड़े और दलित समुदाय के छात्रों से संवाद किया और उसके बाद पटना पहुंचकर एक सिनेमा हॉल में ‘फुले’ फिल्म देखी। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
दरभंगा में Rahul Gandhi समेत 20 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, एक साथ दर्ज हुई 2 एफआईआर
Rahul Gandhi ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मैं पिछड़े, अति पिछड़े और दलित छात्रों से बात करने आया था। लेकिन, प्रशासन ने हमें रोक दिया। उन्होंने जिला प्रशासन का नाम लिए बिना कहा कि पहले तो उन्हें मेरे जाने से कोई समस्या नहीं दिख रही थी, लेकिन बाद में अचानक रोक दिया गया। लेकिन, हम चले गए, हमें जो करना था, कर दिया।”
कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने कहा कि दरभंगा में जिस हॉस्टल में उन्हें जाना था, वहां जाने नहीं दिया गया। बाद में उन्होंने फोटो देखी, जिसमें पता चला कि हॉस्टल की स्थिति बहुत ही खराब है और यही वजह है कि उन्हें अंदर जाने से रोका गया। उन्होंने कहा, “फिर भी मैंने वहां बातें की, मुझे जो कहना था, कह दिया।”
राहुल गांधी ने बताया कि दरभंगा में उन्होंने जाति जनगणना की बात की और कहा कि सरकारी के साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों में भी आरक्षण का नियम लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘फुले’ फिल्म अच्छी है, सबको देखनी चाहिए। उन्होंने कहा, “पहले प्रशासन ने हमें रोका फिर हम जब गए तो नहीं रोका। हमारे ऊपर पहले से 30-32 केस हैं। ये सब मेरे लिए मेडल हैं।”
Rahul Gandhi इस देश में दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और आदिवासी के खिलाफ 24 घंटे अत्याचार होता है
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दरभंगा में ‘शिक्षा न्याय संवाद’ में जुटे छात्रों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि इस देश में दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और आदिवासी के खिलाफ 24 घंटे अत्याचार होता है, उन्हें दबाया जाता है। आपको शिक्षा के सिस्टम में भी रोका जाता है।

