बैंकॉक । थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने मंगलवार को Prime Minister Patongtarn को निलंबित कर दिया। यह फैसला उस याचिका को स्वीकार करने के बाद आया है, जिसमें एक लीक हुई फोन कॉल के चलते उन्हें पद से हटाने की मांग की गई थी। यह कॉल कम्बोडिया के सीमा मुद्दों को लेकर थी।
Prime Minister Narendra Modi 8 सितंबर को असम दौरे पर आएंगे , देश की पहली बायो रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे
न्यायाधीशों की एक पीठ ने सर्वसम्मति से याचिका को स्वीकार किया और कहा कि अंतिम निर्णय आने तक Prime Minister Patongtarn को तत्काल प्रभाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन रोकना होगा। अदालत ने कहा कि गंभीर और अपूरणीय क्षति से बचने के लिए अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश मामलों और वित्त से संबंधित सभी कार्यों और शक्तियों के उपयोग से तब तक रोक दिया गया है जब तक अंतिम फैसला नहीं आ जाता।
यह कदम ऐसे समय पर आया है, जब पिछले महीने कुछ सीनेटरों ने आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर की थी कि पैटोंगटार्न ने कम्बोडियाई सीनेट अध्यक्ष समदेक टेचो हुन सेन से हुई एक टेलीफोन बातचीत के दौरान नैतिक मानकों का गंभीर उल्लंघन किया और संविधान का उल्लंघन किया।
इसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। पिछले सप्ताह हजारों प्रदर्शनकारी बैंकॉक की सड़कों पर उतरे और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। कोर्ट के फैसले के बाद Prime Minister Patongtarn ने कहा कि वह अदालत के फैसले को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती हैं और 15 दिनों के भीतर अदालत को अपना स्पष्टीकरण देंगी।
Prime Minister Patongtarn दालत के फैसले को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करती हैं और 15 दिनों के भीतर अदालत को अपना स्पष्टीकरण देंगी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उपप्रधानमंत्री सुरिया जुआंगरुंगरुआंगकित कार्यवाहक प्रधानमंत्री की भूमिका निभाएंगे और गुरुवार को नए कैबिनेट सदस्यों के साथ शपथ लेंगे।
इस बीच, थाई राजा महा वजिरालोंगकोर्न ने पैटोंगटार्न द्वारा पहले प्रस्तावित कैबिनेट फेरबदल को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मंगलवार को अदालत के फैसले से पहले उस समय लिया गया जब सत्तारूढ़ गठबंधन की एक प्रमुख पार्टी ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया।

