गोरखपुर। President Murmu ने सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर के पहले दीक्षांत समरोह में मेधावी छात्रों को पदक और मेडल देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल प्रोफेशन नहीं, मानवता की सेवा है।
हमारी संस्कृति सभी जीवों में ईश्वर की उपस्थिति को देखती है : President Murmu
President Murmu ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा एक प्रोफेशन नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है। चिकित्सकों की तैनाती गांवों में भी होनी चाहिए, ताकि सभी को बेहतर इलाज मिल सके। चिकित्सकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सक कभी रिटायर नहीं होते, सेवा करते रहते हैं।
President Murmu ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने में एम्स जैसे संस्थान का महत्वपूर्ण योगदान है। अन्य देशों से यहां कम खर्च लगता है, इसलिए बाहर से भी लोग आते हैं। हमारे यहां डॉक्टर को भगवान मानते हैं। संवेदनशील चिकित्सक न केवल इलाज से बल्कि अपने व्यवहार से भी मरीज को ठीक होने में मदद करता है। उन्होंने चिकित्सक के सामाजिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित किया।
President Murmu ने कहा कि भारत की स्वास्थ्य सेवाएं अब तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। टेली-मेडिसिन, एआई, वियरेबल टेक जैसी उन्नत विधियां मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवा को और बेहतर बना रही हैं। भारत में इलाज का खर्च अन्य कई देशों की तुलना में बहुत ही कम है, जिसके कारण विदेशों से भी लोग यहां इलाज के लिए आते हैं। यह भारत के गौरव की गाथा है।
President Murmu एम्स संस्थान भारत की चिकित्सा क्षमता के प्रतीक हैं
उन्होंने कहा कि एम्स संस्थान भारत की चिकित्सा क्षमता के प्रतीक हैं। यहां हर मरीज को उम्मीद की नई किरण दिखाई देती है। इस संस्थान ने देश में चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में उच्चतम मानक स्थापित किए हैं। एम्स गोरखपुर ने बहुत कम समय में शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

