नई दिल्ली । President Murmu ने शुक्रवार को कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था के एक मजबूत स्तंभ हैं। वे सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं और जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
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President Murmu ने एमएसएमई दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक सुदृढ़ एमएसएमई इकोसिस्टम देश के सतत आर्थिक विकास के लिए न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि आवश्यक भी है। ये उद्यम पूंजी की अपेक्षाकृत कम लागत पर अधिक रोजगार के अवसर पैदा करते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये उद्यम ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार पैदा करते हैं। इस प्रकार, एमएसएमई क्षेत्र कमजोर वर्गों को सशक्त बनाकर और विकास का विकेंद्रीकरण करके समावेशी विकास में योगदान करता है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि एमएसएमई क्षेत्र देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हालांकि, इस क्षेत्र को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जिनमें प्रमुख रूप से वित्त की समस्या, बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा, नवीनतम प्रौद्योगिकी की कमी, कच्चे माल और कुशल कार्यबल की कमी, सीमित बाजार और विलंबित भुगतान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई के महत्व और उनकी समस्याओं को महसूस करते हुए केंद्र सरकार ने कई नीतिगत पहल की हैं।
President Murmu एक सुदृढ़ एमएसएमई इकोसिस्टम देश के सतत आर्थिक विकास के लिए न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि आवश्यक भी है
इनमें एमएसएमई के लिए वर्गीकरण मानदंडों का संशोधन, ऋण की उपलब्धता में वृद्धि, केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को अपनी वार्षिक खरीद आवश्यकताओं का कम से कम 35 प्रतिशत सूक्ष्म और लघु उद्यमों से प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों के कौशल विकास आदि शामिल हैं। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि इन प्रयासों से पंजीकृत एमएसएमई की संख्या में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है।

