नई दिल्ली। President Draupadi Murmu ने हाल ही में पदभार संभालने वाले भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई के सम्मान में राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में सोमवार को एक भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों और न्यायपालिका से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
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रात्रिभोज में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशगण, देश भर के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस समारोह में शामिल हुए।
बता दें कि जस्टिस बी.आर. गवई ने 14 मई को देश के 52वें सीजीआई के रूप में शपथ ली थी। President Draupadi Murmu ने उन्हें शपथ दिलाई थी। गवई देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश हैं। उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन इस पद पर आसीन रहे थे। जस्टिस बालाकृष्णन साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे।
President Draupadi Murmu जस्टिस बी.आर. गवई ने 14 मई को देश के 52वें सीजीआई के रूप में शपथ ली
उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ। उन्होंने 16 मार्च 1985 को वकालत की दुनिया में कदम रखा और शुरुआत में दिवंगत राजा एस. भोंसले, जो पूर्व महाधिवक्ता और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रह चुके हैं, के साथ कार्य किया। वर्ष 1987 से 1990 तक उन्होंने बॉम्बे उच्च न्यायालय में स्वतंत्र वकालत की, और इसके बाद मुख्य रूप से नागपुर पीठ के समक्ष विभिन्न मामलों की पैरवी करते रहे।

