नई दिल्ली। President Draupadi Murmu ने राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह 2025 के प्रथम चरण के दौरान सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/संघ शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को चार मरणोपरांत सहित छह कीर्ति चक्र और सात मरणोपरांत सहित 33 शौर्य चक्र प्रदान किए।
पहलगाम आतंकवादी हमला अक्षम्य : Murmu
President Draupadi Murmu ने जम्मू-कश्मीर राइफल्स की 5वीं बटालियन के सूबेदार संजीव सिंह जसरोटिया को शौर्य चक्र से सम्मानित किया। बारामुल्ला जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने गोलीबारी के बीच अद्वितीय साहस, निस्वार्थ समर्पण और असाधारण बहादुरी का परिचय दिया। उन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया और दो अन्य को घायल कर दिया था।
President Draupadi Murmu ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष पुलिस अधिकारी अब्दुल लतीफ को शौर्य चक्र से सम्मानित किया। वहीं, स्क्वाड्रन लीडर दीपक कुमार, फ्लाइंग (पायलट) को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। विंग कमांडर वर्नोन डेसमंड कीन, फ्लाइंग (पायलट) को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने एक मूल्यवान राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जमीन पर जानमाल के संभावित नुकसान को रोकने के लिए उत्कृष्ट पायलटिंग कौशल का प्रदर्शन किया था।
राष्ट्रपति ने सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर जेफरी हिंगचुल्लो को शौर्य चक्र से सम्मानित किया। झारखंड के चतरा जिले में एक ऑपरेशन में उनकी निडर कार्रवाई के परिणामस्वरूप शुरुआती गोलीबारी के दौरान दो माओवादियों को मार गिराया गया। वहीं, सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट विक्रांत कुमार को शौर्य चक्र का सम्मान मिला। उन्होंने झारखंड के चतरा जिले में उच्च जोखिम वाले नक्सल विरोधी अभियान में असाधारण वीरता और सामरिक कौशल का प्रदर्शन किया था।
President Draupadi Murmu ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष पुलिस अधिकारी अब्दुल लतीफ को शौर्य चक्र से सम्मानित किया
राष्ट्रीय राइफल्स की 44वीं बटालियन की राजपूत रेजिमेंट के मेजर विजय वर्मा को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन कर्नल पवन सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नायब सूबेदार पी. पबीन सिंघा, द रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी, 56 राष्ट्रीय राइफल्स को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। अक्टूबर 2023 में नियंत्रण रेखा के पास जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अपने सैनिकों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी और सुनिश्चित किया कि ऑपरेशन सफल हो। इसके परिणामस्वरूप भारी हथियारों से लैस एक आतंकवादी का सफाया हो गया।

