Pawan D Mishra Actor-मुंबई (गिरजा शंकर अग्रवाल) – दोस्तों, सपनों की नगरी मुंबई में हर दिन हजारों लोग आते हैं, लेकिन कुछ ही लोग अपने हुनर से यहां छाप छोड़ पाते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है एक्टर पवन डी मिश्रा की, जिन्होंने बचपन के छोटे-छोटे शौक को मेहनत से इंडस्ट्री तक का सफर बना लिया। पवन ने खुद अपनी जुबानी बताया कि वे कैसे एक छोटे से गांव से निकलकर फिल्मी दुनिया में स्थापित हुए। उनकी यह कहानी सुनकर आपको भी लगेगा कि अगर जुनून हो तो कुछ भी मुमकिन है!
पवन डी मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के एक छोटे से गांव गजधारा से ताल्लुक रखते हैं। वे बताते हैं, “मैं उत्तर प्रदेश के चंदौली जिला के छोटे से गांव गजधारा से हूं।” साल 2005 में वे अपने परिवार के साथ मुंबई आ गए। यहां आकर उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। मुंबई की चकाचौंध भरी जिंदगी में बसना आसान नहीं था, लेकिन पवन ने हार नहीं मानी।
बचपन से ही फिल्मों और क्रिकेट का क्रेज
पवन को बचपन से ही फिल्में देखने और क्रिकेट देखने का बेहद शौक था। वे कहते हैं, “मुझे फिल्म देखने, क्रिकेट देखने का शौक बचपन से ही रहा है!” यही शौक आगे चलकर उनके करियर का आधार बना। फिल्मों की दुनिया उन्हें इतनी भाती थी कि उन्होंने ठान लिया कि एक दिन वे खुद इस इंडस्ट्री का हिस्सा बनेंगे। और देखिए, उनका यह सपना 2014 में सच हो गया, जब वे फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने में कामयाब हुए।
इंडस्ट्री में एंट्री की अनोखी शुरुआत
इंडस्ट्री में आने से पहले पवन की मुलाकात फिल्मी झलक मैगजीन के संपादक राजाराम सिंह जी से हुई। यही मुलाकात उनके करियर की टर्निंग पॉइंट साबित हुई। पवन बताते हैं, “इंडस्ट्री में आने से पहले मेरी मुलाकात फिल्मी झलक मैगजीन के संपादक राजाराम सिंह जी से हुई! और मैंने अपना करियर वहीं से स्टार्ट किया!” राजाराम सिंह जी ने उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया और कई सीरियल्स में काम दिलवाया।
राजाराम जी की मदद से पवन को धीरे-धीरे अच्छे प्रोजेक्ट्स मिलने लगे। उन्होंने सीरियल्स जैसे ‘शक्ति’, ‘गुरुदेव दत्ता’, वेब सीरीज ‘करतार जैन’, ‘गुरु आदि’, ‘संकराचार्य आदि’ में काम किया। पवन कहते हैं, “राजाराम सिंह जी ने मुझे कई सीरियल में काम दिलवाया! जैसे शक्ति, गुरुदेव दत्ता, वेबसीरीज करतार जैन, गुरु आदि, संकराचार्या आदि! तथा मुझे धीरे-धीरे काम मिलता रहा!”
भोजपुरी सुपरस्टार के साथ काम का सुनहरा मौका
मेहनत रंग लाई और पवन को भोजपुरी के बड़े स्टार पवन सिंह के साथ काम करने का अवसर मिला। वे बोले, “फिर मुझे भोजपुरी स्टार पवन सिंह के साथ काम करने का मौका मिला!” यह उनके लिए बड़ा ब्रेक था, जिसने उनकी पहचान को और मजबूत किया।
सम्मानों की झड़ी, मेहनत को मिला इनाम
पवन की लगन और टैलेंट को देखते हुए उन्हें कई सम्मान मिले। उन्हें ‘राष्ट्र संत शिरोमणि रोहिदास महाराज पुरस्कार’ से नवाजा गया। इसके अलावा 2022 में फिल्मी झलक की तरफ से भी अवार्ड मिला, जिसके ऑर्गनाइजर खुद राजाराम जी थे। पवन गर्व से कहते हैं, “मुझे राष्ट्र संत शिरोमणि रोहिदास महाराज पुरस्कार से सम्मानित किया गया! 2022 में फिल्मी झलक द्वारा भी अवार्ड से सम्मानित किया गया! जिसके ऑर्गनाइजर राजाराम जी थे!”
पवन मीडिया बैकग्राउंड से आते हैं और एक्टिंग में भी पूरी तरह समर्पित हैं। वे कहते हैं, “मैं मीडिया से हूं और एक्टिंग करियर में सशक्त रहता हूं!” आज पवन डी मिश्रा अपनी मेहनत से एक मजबूत जगह बना चुके हैं। उनकी यह कहानी बताती है कि छोटे शहर या गांव से आने वाले लोग भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं। पवन जैसे कलाकार युवाओं के लिए बड़ी मिसाल हैं। अगर आप भी सपने देख रहे हैं, तो पवन की तरह जुनून के साथ आगे बढ़िए!

