नई दिल्ली- जम्मू कश्मीर की Pahalgam attack के बाद भारत ने कई अहम फैसले लिए हैं। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले को लेकर केंद्र सरकार द्वारा संसद भवन में सर्वदलीय बैठक की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य नेता सर्वदलीय बैठक में मौजूद है।
Pahalgam attack – जम्मू-कश्मीर से नागरिकों को वापस बुलाने में जुटे मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार से करारा जवाब देने की मांग
Pahalgam attack में मारे गए निर्दोष लोगों की स्मृति में केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान 2 मिनट का मौन रखा गया।
बैठक से बाहर निकलकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हर एक्शन पर सरकार को पूरा सपोर्ट है। बैठक में शामिल रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सभी दलों ने हमले की निंदा की है। कश्मीर में शांति के प्रयास पर चर्चा हुई। सरकार को किसी भी एक्शन के लिए समर्थन है।
Pahalgam attack के बाद भारत-पाकिस्तान बॉर्डर भी अलर्ट मोड पर है। इस बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए कल यानी 25 अप्रैल श्रीनगर का दौरा करेंगे। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की है। वहीं, जर्मनी, जापान, पोलैंड, ब्रिटेन और रूस समेत कई देशों के राजदूत साउथ ब्लॉक स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय पहुंचे। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पहलगाम हमले के बारे में कई देशों के राजदूतों को जानकारी दी।
Pahalgam attack उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी
भारत सरकार ने इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच बड़े फैसले लिए हैं। भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा है। इसके साथ ही अटारी बॉर्डर बंद कर दिया गया है और सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया है। पाकिस्तान नागरिकों का वीजा बंद कर दिया गया है और उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी।

