अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

Operation Mahadev : सेना ने ऐसे लिया पहलगाम हमले का बदला, जानिए क्यों रखा गया यह नाम और कैसे पहुंचे आतंकी ठिकानों तक

On: July 29, 2025 10:18 AM
Follow Us:
Operation Mahadev
---Advertisement---

Operation Mahadev : ऑपरेशन महादेव के तहत भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन लश्कर-ए-ताइबा आतंकियों को मार गिराया है। इन आतंकियों की पहचान अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुई है, लेकिन सैन्य सूत्रों के अनुसार, मारा गया एक आतंकी सुलेमान उर्फ आसिफ है, जो 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले का मुख्य साजिशकर्ता था। दो अन्य आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है, जिनमें से जिबरान सोनमर्ग सुरंग हमले में भी शामिल था।

Operation Mahadev : दाचीगाम में भीषण मुठभेड़, हथियार बरामद

यह मुठभेड़ श्रीनगर के दाचीगाम वन क्षेत्र में हुई, जो श्रीनगर से लगभग 25 किलोमीटर दूर है। सेना को मौके से अमेरिकी एम4 कार्बाइन राइफल, दो AK राइफलें और अन्य भारी गोला-बारूद बरामद हुए। चिनार कोर ने बताया कि लिदवास क्षेत्र में जबरदस्त गोलीबारी के दौरान तीनों आतंकियों को मार गिराया गया। ऑपरेशन के दौरान सेना ने इलाके की पूरी घेराबंदी की, ताकि आतंकी भाग न सकें।

Operation Mahadev : कम्युनिकेशन डिवाइस से मिली सुराग, ऐसे ट्रैक किए आतंकी

सेना को पहलगाम हमले में आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की गई एक सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस से सुराग मिला। जब यह डिवाइस दोबारा एक्टिवेट हुई, तो सुरक्षा एजेंसियों ने दाचीगाम के ऊपरी इलाके में संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया। इसी आधार पर 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज की टीमों को तुरंत तैनात कर ऑपरेशन महादेव शुरू किया गया।

 

International Yoga Day : Haryana में नई योग शालाओं की शुरुआत, कुरुक्षेत्र में सीएम नायब सैनी का अहम ऐलान

Operation Mahadev : पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन, अमरनाथ यात्रा के बीच मिली कामयाबी

22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में 26 लोगों की हत्या की गई थी, जिसमें आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया था। अमरनाथ यात्रा के दौरान यह हमला हुआ था, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई थीं। ऑपरेशन महादेव को उस क्षेत्र के नाम पर रखा गया है, जो जबरवान रेंज की महादेव चोटी का हिस्सा है — एक पवित्र और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में कई मुठभेड़ हो चुकी हैं।

Operation Mahadev : शहीद के पिता की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने ऑपरेशन की सफलता पर सेना की बहादुरी को सलाम किया। उन्होंने कहा, “हमारी सेना ने जो किया वह आसान नहीं था, यह देश के लिए एक बड़ी कामयाबी है।” जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजीपी वीके बिरदी ने बताया कि शवों को नीचे लाने में समय लगेगा, उसके बाद ही शिनाख्त की पुष्टि की जा सकेगी। इस ऑपरेशन की सफलता में कम्युनिकेशन डिवाइस का बड़ा योगदान रहा, जिसने आतंकियों तक सेना को पहुँचाया।

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!