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मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने हरियाणा की पहली ‘कम्प्लीट स्ट्रीट्स’ का किया पैदल निरीक्षण

On: April 23, 2025 9:22 PM
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Nayab Singh Saini
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चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश ऐसे कठिन समय में एकजुट है और आतंकवाद से डरने या झुकने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री ने हमले में मारे गए आम नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा की यह कायराना हरकत है, जिसने निर्दोष लोगों की जान ली। नागरिकों का बलिदान सदैव स्मरण रहेगा और हम उनके परिवारों के साथ खड़े रहेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले विनय नरवाल के परिजनों से भी बात की।

मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ दुख साझा किया और कहा कि हरियाणा सरकार दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम के उद्योग विहार सेक्टर-18 में हरियाणा की पहली ‘कम्प्लीट स्ट्रीट्स’ का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ‘कम्प्लीट स्ट्रीट्स’ राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें हर वर्ग, बच्चा, बुजुर्ग, महिला या दिव्यांग, को शहर में सम्मानपूर्वक और सुरक्षित रूप से चलने का अधिकार मिलना चाहिए।

Nayab Singh Saini हमारी  प्राथमिकता केवल बुनियादी ढाँचे का निर्माण नहीं, बल्कि मानवीय विकास

मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता केवल बुनियादी ढाँचे का निर्माण नहीं, बल्कि मानवीय विकास है। गुरुग्राम की इन सड़कों पर पैदल चलना, साइकिल चलाना, या बस पकड़ना अब केवल एक ज़रूरत नहीं, बल्कि एक सुखद अनुभव होगा।

यह परियोजना दिखाती है कि जब सरकार, निजी क्षेत्र और सामाजिक संस्थाएं एक साथ आते हैं, तो हम कितने अद्भुत और स्थायी बदलाव ला सकते हैं। यह ‘कम्प्लीट स्ट्रीट्स’ मॉडल केवल हरियाणा नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए एक उदाहरण बनेगा।” यह ‘कम्प्लीट स्ट्रीट्स’ परियोजना उद्योग विहार की सनथ रोड और गली नंबर-7 पर लागू की गई है, जो कुल 2.4 किलोमीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी है।

यह सड़क पुरानी दिल्ली रोड को एयरटेल कार्यालय (NH 48) से जोड़ती है। परियोजना की कुल लागत लगभग 23 करोड़ रुपये रही, जिसमें जीएमडीए, एमसीजी, डीएचबीवीएन और राहगीरी फाउंडेशन ने मिलकर योगदान दिया। इस परियोजना में राहगीरी फाउंडेशन के साथ-साथ नगरो, मारुति सुजुकी और सेफएक्सप्रेस जैसी कंपनियों ने भी भागीदारी की, जिससे सरकारी और निजी क्षेत्रों के सहयोग की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की गई।

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