अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

Nainital High Court ने 18 साल बाद दहेज उत्पीड़न मामले में पति को दिया इंसाफ, आरोपों से किया बरी

On: June 14, 2025 6:14 PM
Follow Us:
Nainital High Court
---Advertisement---

Nainital High Court ने 1993 में पत्नी की दहेज उत्पीड़न मामले में सजायाफ्ता पति को दोषमुक्त कर दिया है। चमोली जिले की ट्रायल कोर्ट ने अभियुक्त डा. राम कुमार गुप्ता को 2007 में दहेज निषेध अधिनियम में सजा सुनाई थी। जिसे गुप्ता ने याचिका दायर कर हाई कोर्ट में चुनौती दी। 18 साल तक चले उनके कानूनी संघर्ष का अंत उनकी बेगुनाही साबित होने में हुआ।

Nainital High Court के आदेश के बाद शिक्षकों के तबादलों पर थमे विभाग के कदम, इस वजह से लगाई गई रोक

न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने मामले में निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने दहेज निषेध अधिनियम के तहत अभियुक्तों को दोषी ठहराने में गंभीर अवैधता और अनियमितता की है, क्योंकि मुखबिर के सुने हुए साक्ष्य और कथित पत्रों की फोटोस्टेट प्रतियों के आधार पर आरोपितों को दोषी ठहराया गया, जो इस स्थापित कानून की पूरी तरह से अनदेखी करती है कि मूल प्रति के अभाव में फोटोकॉपी स्वीकार्य नहीं है।

Nainital High Court अभियुक्त डा. गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके अपनी पत्नी के साथ अच्छे संबंध थे

इस मामले में अभियुक्त डा. गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके अपनी पत्नी के साथ अच्छे संबंध थे। दहेज की किसी भी मांग से भी इन्कार किया। उनके भाई राम देव गुप्ता ने गवाही दी कि मृतका कंचन अपनी शादी से संतुष्ट थी, वह अपने पति के साथ हनीमून के लिए कई जगहों पर छुट्टियां मनाने गई थी।

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!