Moradabad News :मुरादाबाद। जिले में लगातार बढ़ रही ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी अनुज सिंह के निर्देश पर सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं।
जिलेभर में 73 स्थानों पर तहसील स्तर से अलाव
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती ममता मालवीय ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों में कुल 73 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। इनमें बिलारी में 34, सदर में 16, ठाकुरद्वारा में 11 और कांठ में 12 अलाव स्थल शामिल हैं।
स्थानीय निकायों में भी व्यापक इंतजाम
स्थानीय निकायों की बात करें तो नगर निगम क्षेत्र में 48, बिलारी 07, कुंदरकी 14, महमूदपुर माफी 11, पाकबड़ा 18, अगवानपुर 12, उमरीकला 11, कांठ 10, ढकिया 10, ठाकुरद्वारा 16 और भोजपुर धर्मपुर में 10 स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में भी अलाव के पुख्ता प्रबंध
जिले की ग्राम पंचायतों में भी अलाव की समुचित व्यवस्था की गई है। मुरादाबाद ब्लॉक में 58, बिलारी 106, छजलैट 82, मूंढापांडे 80, भगतपुर 75, डिलारी 52 और ठाकुरद्वारा विकासखंड में 67 सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।
जिला स्तर से लगातार हो रही मॉनिटरिंग
ठंड से बचाव के लिए जमीनी स्तर पर किए जा रहे सभी कार्यों की जिला स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
ठंड को लेकर जिलाधिकारी ने जारी की एडवाइजरी
आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी द्वारा ठंड के मौसम में सतर्कता बरतने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। उन्होंने कोयले की अंगीठी, मिट्टी के चूल्हे और हीटर का प्रयोग करते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि जहरीला धुआं जमा न हो।
शरीर को सुरक्षित रखने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि शरीर को सूखा रखें, गीले कपड़े तुरंत बदलें। जिनके पास अलाव की सुविधा न हो, वे अत्यधिक ठंड में सामुदायिक केंद्रों या सार्वजनिक स्थलों पर जाएं, जहां प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है।
गर्म कपड़े व पौष्टिक आहार पर जोर
कई स्तरों वाले गर्म कपड़े जैसे ऊनी वस्त्र, स्वेटर, टोपी और मफलर का प्रयोग शीतदंश से बचाव में सहायक होता है। अत्यधिक ठंड और कोहरे में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को यथासंभव घर के अंदर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही शरीर में ऊष्मा बनाए रखने के लिए पोषक आहार और गर्म पेय पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया है।
हाइपोथर्मिया व शीतदंश के लक्षणों पर सतर्कता
हाइपोथर्मिया के लक्षण जैसे असामान्य शरीर तापमान, भ्रम, स्मृति हानि, बेहोशी, अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती या तुतलाना दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने की अपील की गई है। शीतदंश के लक्षण जैसे हाथ-पैरों की उंगलियों, कान या नाक पर सफेद या पीले दाग दिखने पर भी चिकित्सकीय सहायता लेने को कहा गया है।
आपात स्थिति में संपर्क रखने की सलाह
बिजली विफलता की स्थिति में फ्रीजर का दरवाजा बंद रखने पर 48 घंटे तक भोजन सुरक्षित रह सकता है। साथ ही आसपास अकेले रहने वाले पड़ोसियों, विशेषकर बुजुर्गों का ध्यान रखने और किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करने की अपील की गई है।

