Modi government उत्तर भारत की जल आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु सिंधु नदी प्रणाली में बदलाव की तैयारी में है। पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के बाद भारत ने 14 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की परियोजना शुरू की है जो सिंधु नदी को व्यास नदी से जोड़ेगी। इस परियोजना को 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
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113 किलोमीटर लंबी नहर के काम की समीक्षा
सूत्रों ने बताया कि बैठक में सिंधु नदी का पानी उत्तरी राज्यों तक पहुंचाने के लिए प्रस्तावित 113 किलोमीटर लंबी नहर के काम की भी समीक्षा की गई। साल 1960 में विश्व बैंक के हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंघु जल समझौता अस्तित्व में आया था। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने इसे स्थगित कर दिया।
पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते Modi government
केंद्र सरकार ने कहा कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। इसके बाद से ही सरकार सिंधु नदी के पानी को इस्तेमाल को लेकर एक विस्तृत योजना पर काम कर रही है। इसे पूरा करने के इंटर-बेसिन इंडस वाटर ट्रांसफर स्कीम के तहत एक महत्वकांक्षी परियोजना की परिकल्पना की गई है और सरकार इस पर निगरानी कर रही है।

