देश में शासन के प्रतीकों में बदलाव हो रहा है, राज भवनों को ‘Lok Bhavan’ नाम दिया जा रहा है। ‘राजपथ’ अब ‘कर्तव्य पथ’ है, और प्रधानमंत्री का निवास ‘लोक कल्याण मार्ग’ है। प्रशासनिक भवन ‘कर्तव्य भवन’ बन गए हैं, और नए परिसर को ‘सेवा तीर्थ’ कहा जा रहा है। यह बदलाव शासन में सेवा, कर्तव्य और जवाबदेही को महत्व देने का प्रतीक है।
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सत्ता की राह समझे जाने वाला ‘राजपथ’ 2022 में “कर्तव्य पथ” बन गया- एक संदेश कि शासन दिखावे का मंच नहीं, जिम्मेदारी का मार्ग है। इसी विचार के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने 2016 में सा, रेस कोर्स रोड छोड़कर “लोक कल्याण मार्ग” को अपना आधिकारिक आवास बनाया, यह संकेत देते हुए कि सर्वोच्च पद नागरिकों की सेवा के लिए है।

