अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

देश के आगे एक परिवार को तवज्जों देने के लिए संविधान और लोकतंत्र को कुचला गया : Jaishankar

On: June 28, 2025 12:35 PM
Follow Us:
Jaishankar
---Advertisement---

नयी दिल्ली: विदेश मंत्री Jaishankar ने शुक्रवार को आपातकाल के मुद्दे पर कांग्रेस तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया और कहा कि देश के आगे एक परिवार को तवज्जों देने के लिए संविधान एवं लोकतंत्र को कुचला गया था।

S Jaishankar ने ईरान के विदेश मंत्री से की बात, भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए दिया धन्यवाद

Jaishankar ने संवाददाताओं से कहा कि युवा पीढ़ी को आपातकाल से हुए नुकसान के अलावा इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि इस दौरान संविधान और लोकतंत्र को कैसे कुचला गया था। उन्होंने कहा, “देश में जब आपातकाल लागू हुआ था, उस वक्त एक युवा होने के नाते मैंने क्या देखा और उससे क्या सबक ली।

साथ ही उस वक्त की स्थिति और मीडिया प्रभाव के बारे में भी मैंने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई की ओर से आयोजित नकली संसद (मॉक पार्लियामेंट) में अपने विचारों को रखा।”

Jaishankar ने कहा, “देश में आपातकाल का प्रभाव, संविधान और लोकतंत्र की हत्या, विश्व पटल पर हमारी छवि कैसे बिगाड़ी गयी और साथ ही देश की राजनीतिक हलचल और आपातकाल से हुए नुकसान हुआ उन सभी पहलुओं के बारे में हमने चर्चा की।” विदेश मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा “देश में आपातकाल लगाने का एक महत्वपूर्ण कारण था कि देश के आगे एक परिवार को तवज्जों दिया गया, लेकिन आज हम देख रहे हैं कि देशहित को सबसे आगे जा रहा है।

मुझे इस बात को बताते हुए गर्व होता है कि देश के विभिन्न पार्टियों के सांसद देश का प्रतिनिधित्व विभिन्न देशों में किया और सबने एक संदेश दिया कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं कर सकता। अगर आतंकवाद की बात होगी तो भारतवासियों के लिए पक्ष या विपक्ष एक साथ होकर खड़े रहेंगे।”

Jaishankar ने कहा कि कुछ लोग संविधान की प्रति हाथ में लेकर घूमते हैं, लेकिन दिल की भावना कुछ और है। क्या कभी कांग्रेस ने आपातकाल के लिए माफी मांगी, जिसमें उसने संविधान और लोकतंत्र दोनों का गला घोटा था।

उन्होंने कहा कि आपातकाल बहस का कोई मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक संविधान और लोकतंत्र, मीडिया और राजनीतिक को कुचलने के लिए याद किया जाने वाला काला अध्याय है और आज जो विपक्ष पिछले 11 साल को अघोषित आपातकाल की बात कर रहा है, उनसे साफ कर दूं कि अगर आपातकाल होता तो ना तो संसद चलते और ना ही सरकार से सवाल पूछने वालो को छोड़ा जाता क्योंकि कांग्रेस की सरकार में ऐसा ही हुआ था।

Jaishankar कुछ लोग संविधान की प्रति हाथ में लेकर घूमते हैं, लेकिन दिल की भावना कुछ और है

इस दौरान दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा, मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर, दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष सागर त्यागी, प्रदेश प्रवक्ता यासिर जिलानी और दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा मीडिया प्रमुख शुभम मलिक भी उपस्थित थे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!