तेल अवीव/तेहरान। israeli के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए कहा है कि उनका देश ईरान के सबसे संवेदनशील परमाणु केंद्र — नातांज़ — को निशाना बना चुका है। उन्होंने इस ऑपरेशन को “राइजिंग लॉयन” (Rising Lion) नाम दिया है और इसे इसराइल की सुरक्षा और अस्तित्व की रक्षा के लिए “टारगेटेड मिलिट्री ऑपरेशन” बताया है।
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नेतन्याहू के अनुसार, यह हमला ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 225 किलोमीटर दक्षिण स्थित नातांज़ में हुआ, जो कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यह वही जगह है जिसे 2021 में हुए साइबर हमले के लिए भी ईरान ने israeli को जिम्मेदार ठहराया था।
israeli हमलों की रणनीति और उद्देश्य
नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि इन हमलों का उद्देश्य “ईरानी बम” पर काम कर रहे वैज्ञानिकों और तकनीकी आधारभूत संरचना को निष्क्रिय करना है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “ये हमले उतने दिनों तक जारी रहेंगे, जितने दिनों तक ज़रूरत होगी। यह कोई सीमित संघर्ष नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक रणनीतिक ऑपरेशन है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने हाल के महीनों में ऐसे कदम उठाए हैं, जो “हथियार-योग्य यूरेनियम” तैयार करने की दिशा में स्पष्ट संकेत देते हैं। “अगर इसे अभी नहीं रोका गया, तो ईरान कुछ महीनों या इससे भी कम समय में परमाणु हथियार बना सकता है।”

