नई दिल्ली। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के Iran के समर्थन में लिखे गए लेख पर रविवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को क्षेत्रीय हालात की सही जानकारी होनी चाहिए। राजदूत अजार ने कहा, “हमें यह देखकर निराशा हुई कि जिस व्यक्ति का आपने जिक्र किया, उन्होंने 7 अक्टूबर (2023) के हमलों की उस तरह निंदा नहीं की, जैसी की जानी चाहिए थी।
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ईरान द्वारा पिछले तीन दशकों से की जा रही आक्रामकता को नजरअंदाज करना पूरी तरह अस्वीकार्य है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि विचारों की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन नेताओं को तथ्यों और वास्तविकता के आधार पर बयान देना चाहिए। इजरायली राजदूत ने कहा, “यह स्पष्ट है कि इस पूरे घटनाक्रम में ईरान ही आक्रामक पक्ष रहा है। इजरायल को उस समय कार्रवाई करनी पड़ी, जब ईरान हमारे देश को नष्ट करने के हथियार हासिल करने की कगार पर था।”
राजदूत ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल और अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को निशाना बनाने के लिए थी, जो क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे थे।
Iran जिम्मेदार रुख अपनाए जिससे शांति और स्थिरता की बहाली हो सके
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Iran के राष्ट्रपति से बातचीत कर तनाव कम करने और कूटनीति के रास्ते समाधान की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए अजार ने कहा, “अगर ईरान अन्य देशों को समाप्त करने की कोशिश छोड़ दे, अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम खत्म कर दे और क्षेत्रीय आक्रामकता से पीछे हटे, तो कूटनीति के लिए अवश्य विकल्प है। हम चाहते हैं कि ईरान जिम्मेदार रुख अपनाए जिससे शांति और स्थिरता की बहाली हो सके।”

