पंजाब के मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरकार से हादसे का शिकार हुए बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सम्मानजनक मुआवजा जारी करने की मांग की है। उन्होंने हरियाणा की खेल नीति पर भी सवाल उठाए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा के रोहतक के लाखनमाजरा स्टेडियम में अभ्यास करते समय पोल गिरने से राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत को लेकर गुरुवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
Haryana News : खेल नीति पर उठे सवाल, मैदानों के ऑडिट की मांग
सीएम मान ने हरियाणा की खेल नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बास्केटबॉल का पोल इस तरह गिरना चिंता की बात है। अगर खेल मैदान से खिलाड़ियों की लाश आएगी तो कौन अपने बच्चों को ग्राउंड में खेलने भेजेगा। ऐसी खेल नीति का क्या करना है जिसमें इस तरह की घटनाएं हों। सीएम मान ने पूरे देश में खेल मैदानों में सुविधाओं का ऑडिट करवाने की मांग की ताकि कॉमनवेल्थ खेलों के लिए खिलाड़ी तैयारी कर सकें।
Haryana News : हादसे में घायल खिलाड़ी ने तोड़ा दम
बता दें कि रोहतक में अभ्यास के दौरान राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के सीने पर पोल गिर गया। हादसे में गंभीर घायल 16 साल के खिलाड़ी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लाखनमाजरा के स्टेडियम में जर्जर पोल के टूटने से यह हादसा हुआ। खिलाड़ी का चयन नेशनल अकादमी इंदौर के लिए हुआ था। बीते मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ये हादसा हुआ, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है।
Haryana News : पिता ने जताया दुख, प्रशासन पर लगाया आरोप
मृतक खिलाड़ी के पिता संदीप राठी का बुधवार को बयान आया था। उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द बयान किया। उन्होंने कहा, “मेरा सपना था कि मेरा बेटा भारत के लिए खेले और मुझे गर्व महसूस कराए। वह 2026 में भारत के लिए खेलने की तैयारी कर रहा था।” पिता ने बताया कि घर में बास्केटबॉल का रिंग लाकर ही हार्दिक ने खेलना शुरू किया था। पीड़ित पिता ने इस हादसे की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की बताई और कहा कि व्यवस्थाओं का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ऐसे मामलों में खुद ध्यान देना चाहिए ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ी खोने से बच सकें।

