Haryana news-पानीपत। एमएमए फाइट को लेकर संग्राम सिंह इन दिनों युद्ध स्तर पर अपनी तैयारियों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं। इसके लिए सात सदस्यों का सपोर्ट स्टाफ उनकी कोचिंग से लेकर फ्लेक्सेबिलिटी, वेट ट्रेनिंग, फिटनेस, योग और प्राणायाम पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। फिट इंडिया आइकन संग्राम मुम्बई, अहमदाबाद और दिल्ली में समय-समय पर अपने सपोर्ट स्टाफ के साथ नज़र आते हैं। अलग अलग जगह अभ्यास करने पर उनके स्पेयरिंग पार्टनर बदल जाते हैं, लेकिन कोचिंग का स्टाफ वही रहता है और उनका ज़्यादातर समय मुम्बई में ही बीतता है। संग्राम का एमएमए का अगला मुक़ाबला रविवार 5 अप्रैल को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे में होगा। जहां उनकी भिड़ंत फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो से होगी। 24 वर्षीय मौटेऊ मोटेइरो उम्र में संग्राम सिंह से 17 साल छोटे हैं। किसी भारतीय एमएमए फाइटर का अर्जेंटीना की धरती पर फाइट करने का यह पहला मौका होगा।
कॉमनवेल्थ हैवीवेट चौम्पियन रह चुके संग्राम सिंह को इन दिनों मॉडर्न रेसलिंग भूपेश कुमार, बॉक्सिंग और किक बॉक्सिंग में सूरज धर्मान, जुजत्सू में कपिल शर्मा, जिम्नास्टिक में सुहास लोहार, वेट-ट्रेनिंग में प्रदीप तोमर और कम्पलीट फिटनेस में रोनी वत्स अभ्यास करा रहे हैं। मासपेशियों में खिचाव जैसे मसलों का हल करने के लिए फीज़ियो डॉ. मनोज अत्री हैं। संग्राम सिंह पूरी तरह शाकाहारी हैं। इसके बावजूद उनके शरीर में प्रोटीन से लेकर हर पौष्टिक अव्यव भरपूर मात्रा में उपलब्ध है।
संग्राम सिंह ने अपनी तैयारियों के बारे में बताया कि एमएमए में इस्तेमाल होने वाली कुश्ती, बॉकिसंग, किक बॉक्सिंग और युयुत्सू की वह ट्रेनिंग ले रहे हैं। प्रो रेसलिंग लीग में पंजाब रॉयल्स के कोच और डायरेक्टर भूपेश कुमार संग्राम सिंह को मॉडर्न रेसलिंग के गुर सिखा रहे हैं। संग्राम सिंह ने बताया कि लम्बे समय से साथ होने की वजह से वह मेरी ताक़त और कमज़ोरियों से वाकिफ हैं और मेरे ग्रे एरियाज़ को वह मेरी ताक़त बनाने में जुटे हुए हैं।
बॉक्सिंग और किक बॉक्सिंग की ट्रेनिंग उन्हें एमएमए के ट्रेंड कोच सूरज धर्मान से मिल रही है, जो पिछले 12 वर्षों से कोचिंग की फील्ड में सक्रिय हैं। संग्राम सिंह का मानना है कि सूरज जी ने ही उन्हें किक और पंच से अटैक करना और साथ ही डिफेंस करना सिखाया।एमएमए में विपक्षी के खिलाफ चोक करने और लॉक करने की तकनीक भी काफी मायने रखती है। इसकी ट्रेनिंग उन्हें इन दिनों कपिल शर्मा के रूप में एक अनुभवी कोच दे रहे हैं। इस कला का जुजत्सू में खूब इस्तेमाल होता है। कपिल ने इस कला की बारीकियों को ब्राजील में जाकर सीखा। फिर उन्होंने जर्मनी में इस खेल की ट्रेनिंग दी।

