Haryana News-चंडीगढ़ : कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अपने अधीन आने वाले विभागों (ऊर्जा, परिवहन और श्रम) में प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन विभागों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के स्थानांतरण, अस्थायी स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति अथवा अतिरिक्त प्रभार से संबंधित कोई भी आदेश उनकी पूर्व स्वीकृति के बिना जारी नहीं किया जाएगा।
यह निर्देश हाल ही में जारी एक आधिकारिक नोट के माध्यम से दिए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि सभी संबंधित प्रस्ताव पहले मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं और उनकी मंजूरी के बाद ही किसी प्रकार का आदेश लागू किया जाए।
प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियंत्रण पर जोर
मंत्री विज के इस कदम को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के रूप में देखा जा रहा है। अक्सर विभागों में बिना उच्च स्तर की स्वीकृति के स्थानांतरण और अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन्हें रोकने के लिए यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
तीनों प्रमुख विभागों पर लागू होंगे आदेश
यह निर्देश विशेष रूप से ऊर्जा, परिवहन और श्रम विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होंगे। इन विभागों में बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं और स्थानांतरण से संबंधित निर्णयों का सीधा असर कार्यप्रणाली पर पड़ता है। जारी निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी स्तर पर इन आदेशों का उल्लंघन किया गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

