चंडीगढ़। Haryana में फसलों में बीमारियों से निपटने के लिए अब ड्रोन की मदद ली जाएगी। आलू, चना, कपास, धान और सब्जियों से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड (दृश्या) के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि फसल स्वास्थ्य की निगरानी और बीमारियों की पहचान के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाए।
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इससे किसानों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराकर फसल हानि को रोकने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी योजना’ के तहत प्रदेश में 5000 महिलाओं को ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अगली एक तिमाही में लगभग 500 महिलाओं को प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना बनाई जाए।
Haryana फसल स्वास्थ्य की निगरानी और बीमारियों की पहचान के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाए
ड्रोन तकनीक का उपयोग प्राकृतिक खेती विशेष रूप से जीवामृत के छिड़काव के लिए किया जाएगा। इसके लिए किसानों को भी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल खेती की ओर अग्रसर हो सकें।

