चंडीगढ़: Haryana सरकार शिक्षकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में एक नया कदम उठा रही है। अब नवनियुक्त शिक्षकों को आईटीईपी (इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम) के जरिये प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय को आवेदन भेज दिया है। यदि योजना को मंजूरी मिलती है, तो Haryana देश का पहला राज्य होगा जो शिक्षकों को आईटीईपी के माध्यम से ट्रेनिंग देगा।
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अब तक शिक्षकों को डाइट से प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी, लेकिन अब इसे आई-टेप के तहत लाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस बदलाव की तैयारी पूरी कर ली है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा पहले ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) को लागू कर चुका है।
बुधवार को Haryana के शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने नयी दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। उन्होंने हरियाणा में लागू नई शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। मंत्री ढांडा ने कहा कि प्रदेश जल्द ही सभी जिलों में संस्कृति मॉडल स्कूलों की तर्ज पर संस्कृति मॉडल कॉलेज भी शुरू करेगा।
मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि वे प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे ताकि शैक्षणिक व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को स्मार्ट बनाने की दिशा में काम कर रही है।
ढांडा ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हरियाणा ने 2025 से ही लागू कर दिया है, जबकि केंद्र ने इसे लागू करने के लिए राज्यों को 2030 तक का लक्ष्य दिया था। हरियाणा ने यह कदम समय से पहले उठाकर उदाहरण प्रस्तुत किया है।
Haryana राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हरियाणा ने 2025 से ही लागू कर दिया है
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जेईई और नीट परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और 72 छात्र सफल हुए हैं। यह सरकारी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को दर्शाता है। साथ ही खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी स्कूल स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

