चंडीगढ़। कभी-कभी एक छोटी सी खबर घर का मूड बदल देती है। “Haryana के हज़ारों प्रशिक्षित रोज़गार सेवकों के लिए आज कुछ ऐसा ही हुआ है। Haryana सरकार ने 5% वेतन वृद्धि की घोषणा की है। और यह सिर्फ़ कागज़ों पर की गई घोषणा नहीं है। हालाँकि, 1 जून को ही इसका क्रियान्वयन हो गया है।
Haryana में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा
5% ज़्यादा… और उम्मीदें भी!
किसी भी सरकारी या अर्ध-सरकारी क्षेत्र का कोई भी कर्मचारी जानता है कि – वेतन में थोड़ी सी वृद्धि का क्या मतलब होता है। अब कोई दूध की थैली बिना चोरी किए घर आ सकती है। किसी बच्चे की ट्यूशन फीस तुरंत भर दी जाएगी। किसी पत्नी को अपने पति को दवा की रसीद दिखाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। ये 5% सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं है।
कौन है कौशलकर्मी ?
ये व्यवस्था की मुस्कान है। चाहे डाटा एंट्री हो, फील्ड मॉनिटरिंग हो, स्किल डेवलपमेंट सेंटर चलाना हो या फिर किसी सरकारी योजना की जमीनी पहुंच हो। आमतौर पर खबरों से गायब रहने वाले ये लोग कहीं भी मिल जाएंगे। वेतन वृद्धि की खबर जैसे ही आई, उनके दिल में भरोसा बढ़ गया।
Haryana सरकार ने 5% वेतन वृद्धि की घोषणा की
फिर महीनों लग जाते हैं। अलर्ट पेंडिंग हो सकता है, कभी बजट। लेकिन इस बार हरियाणा सरकार ने इसे तुरंत लागू कर दिया है। पहली जून से ही इस आदेश पर अमल शुरू हो गया है। इससे पता चलता है कि मजदूर वर्ग की बात सिर्फ सुनी ही नहीं गई, बल्कि उसे समझा भी गया है।

