हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष Harvindra Kalyan ने कहा कि सदन की कार्यवाही की रिपोर्टिंग पत्रकारिता का बेहद जिम्मेदार और संवेदनशील क्षेत्र है, जिसमें संयम और सजगता दोनों जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक ही मंच पर विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि अपनी-अपनी नीतियों व दृष्टिकोण के तहत बहस करते हैं।
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ऐसे में पत्रकारों को संतुलित दृष्टिकोण अपनाकर, जनहित की बात को सटीक और निष्पक्ष तरीके से जनता तक पहुंचाना चाहिए।
स्पीकर मंगलवार को हरियाणा विधानसभा की ओर से आयोजित एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला खासतौर पर उन पत्रकारों के लिए आयोजित की गई थी, जो पहली बार विधानसभा की कार्यवाही को कवर कर रहे हैं।
विशेष बात यह रही कि पहली नवंबर, 1966 को हरियाणा के गठन के बाद यह पहला अवसर था, जब विधानसभा में विधायकों, कर्मचारियों, अधिकारियों और पत्रकारों को सदन की कार्यप्रणाली में आए बदलावों की जानकारी देने के लिए इस तरह का प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुआ।
Harvindra Kalyan ने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने वाली संस्था नहीं, बल्कि यह ऐसा लोकतांत्रिक मंच है जहां सभी राजनीतिक दल अपने-अपने दायरे में रहकर राज्यहित में चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में पारित होने वाले विधेयकों की भाषा अक्सर संक्षिप्त और तकनीकी होती है।
Harvindra Kalyan कई बार सदन में तत्कालिक घटनाओं से जुड़े विधेयक पेश होते हैं, ऐसे में पत्रकारों को बेहद जागरूक रहना चाहिए
मीडिया का दायित्व है कि वह इन विधेयकों को सरल भाषा में जनता के सामने रखे, ताकि आम नागरिक उसकी वास्तविकता और प्रभाव को समझ सके। उन्होंने चेताया कि कई बार सदन में तत्कालिक घटनाओं से जुड़े विधेयक पेश होते हैं, ऐसे में पत्रकारों को बेहद जागरूक रहना चाहिए।

