चंडीगढ़। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष Harvindra Kalyan ने कहा है कि गुरुग्राम में संपन्न हुए शहरी स्थानीय निकायों के राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका को रेखांकित करना था। यह सम्मेलन छोटी विधायी संस्थाओं में जिम्मेदारी से संवाद का भाव पैदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के स्वप्न को पूरा करेगा।
विधान सभा अध्यक्ष Harvindra Kalyan ने सराहा रक्तदाताओं का योगदान
सम्मेलन में शहरी नियोजन और विकास से जुड़े विशेषज्ञ, नीति निर्माता शामिल रहे। इसके चलते यह सम्मेलन वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के प्रत्यक्ष संवाद का मंच बना। कल्याण बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 3 स्थित हरियाणा निवास में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
Harvindra Kalyan सम्मेलन में शहरी नियोजन और विकास से जुड़े विशेषज्ञ, नीति निर्माता शामिल रहे
Harvindra Kalyan ने कहा कि सम्मेलन के दौरान शहरी निकाय प्रशासन को नवाचार, पारदर्शिता और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए एआई तकनीक आधारित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया गया। इस प्रकार यह सम्मेलन देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम रहा। इस वर्ष पटना में आयोजित पीठासीन अधिकारियों के अखिल भारतीय सम्मेलन में भी इस विषय पर प्रस्ताव पारित किया गया था।
विस अध्यक्ष Harvindra Kalyan ने कहा कि देश के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन में अनेक नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं के अध्यक्षों और अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपनाए गए सर्वश्रेष्ठ विकास मॉडल और नवाचारों को साझा किया। इंदौर, लखनऊ, पुणे, सूरत और विशाखापत्तनम के महापौर/नगर आयुक्तों ने स्वच्छ और हरित शहरों से संबंधित उत्कृष्ट कार्यों और सफलताओं पर प्रस्तुति दीं। उनकी प्रस्तुतियां प्रतिभागियों के लिए सहायक सिद्ध होगी।
Harvindra Kalyan ने कहा कि इस सम्मेलन से प्रेरणा लेकर पंचायती राज संस्थाओं, सहकारी संस्थाओं, महिला नेतृत्व, और युवा सहभागिता पर आधारित विशेष सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना है। इस प्रयास से ग्राम से लेकर शहर तक प्रशासनिक व लोकतांत्रिक चेतना को गति मिलेगी।
इस बात पर जोर दिया गया कि शहरी स्थानीय निकाय आम लोगों की भागीदारी के साथ विकास कार्यों को जोड़कर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ सकते हैं। सम्मेलन में सुझाव आया कि शहरी निकायों में स्पीकर जैसे पद का सृजन होना चाहिए, ताकि सभी फैसले निष्पक्ष रूप से हों। मध्य प्रदेश में इस प्रकार की पहल हो चुकी है।
Harvindra Kalyan ने कहा कि 3 जुलाई की शाम को हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से गंधर्व वाद्य संगीत, हरियाणवी लोक नृत्य और ‘भारत के रंग’ विषय पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों को सांस्कृतिक गहराई से जोड़ा। सम्मेलन परिसर में स्थापित की गई मेमोरी वॉल पर अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपने अनुभव सांझा किए।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद सभी प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली पहुंच नई और पुरानी संसद का भ्रमण किया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने म्यूजियम देखा और सेंट्रल हॉल में लोक सभा के माननीय अध्यक्ष ओम बिरला से सीधा संवाद किया। केंद्रीय कक्ष में सभी प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने ओम बिरला की उपस्थिति में हरियाणा की ओर से किए गए प्रबंधों की प्रशंसा की।

