नई दिल्ली। Enforcement Directorate ने उत्तर प्रदेश में सामने आए ‘बाइकबोट’ नामक कथित पोंजी घोटाले के सिलसिले में मनी लांड्रिंग के तहत 394 करोड़ रुपये से अधिक की नई संपत्तियां कुर्क की हैं। ये संपत्तियां कामाख्या एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट, कामाख्या एजुकेशनल सोसाइटी, गुरु नानक चैरिटेबल ट्रस्ट, अल्पाइन टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी, एपी गोयल चैरिटेबल ट्रस्ट और मीना आनंद नामक एक व्यक्ति के नाम पर हैं।
Enforcement Directorate की बड़ी कार्रवाई, करण दीप सिंह की अचल संपत्तियां कुर्क
संपत्तियों का कुल मूल्य 394.42 करोड़ रुपये है। ईडी ने कहा, ”मौजूदा कुर्की में अचल संपत्तियां और संबंधित अपराध के समय 20.49 करोड़ रुपये (जिसका मूल्य 389.30 करोड़ रुपये है) मूल्य की गिरवी रखी गई जमीन, साथ ही 5.12 करोड़ रुपये की सावधि जमा राशि शामिल है।”
घोटाले से जुटाई गई धनराशि Enforcement Directorate
यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कुछ निवेशकों द्वारा गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड (जीआईपीएल), संजय भाटी और अन्य के खिलाफ की गई शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई कई एफआईआर से उत्पन्न हुआ है।
पोंजी स्कीम से जुड़ी कंपनी और उसके प्रमोटर संजय भाटी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर ‘बाइकबोट’ नाम से एक ‘बाइक टैक्सी’ की आड़ में बेहद आकर्षक निवेश योजना पेश की थी। कंपनी ने विभिन्न शहरों में फ्रैंचाइजी भी आवंटित कीं, लेकिन इन शहरों में बाइक टैक्सी का संचालन मुश्किल से ही हुआ।

