रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बारूदी सुरंग का पता लगाने के अभियानों लिए पानी के नीचे चलने वाले नई पीढ़ी के वाहन विकसित किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि इस सिस्टम में कई मैन-पोर्टेबलआटोनोमस अंडर-वाटरव्हीकल्स (एमपी-एयूवी) शामिल हैं। एमपी-एयूवी को विशाखापत्तनम स्थित डीआरडीओ की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) ने विकसित किया है।
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परिचालन के दौरान एयूवी के बीच डाटा विनिमय के लिए मजबूत पानी के नीचे ध्वनि संचार को एकीकृत किया गया है। एनएसटीएल/हार्बर में हाल ही में संपन्न क्षेत्र फील्ड परीक्षणों ने सिस्टम के मापदंडों की पुष्टि की है।
इस सिस्टम के निर्माण में कई उद्योग भागीदार शामिल हैं। कुछ महीनों में एमपी-एयूवी का उत्पादन किया जा सकेगा। डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर कामत ने एमपी-एयूवी के विकास के लिए एनएसटीएल टीम की सराहना की है तथा इसे मील का पत्थर बताया है।

