DRDO रोबोटिक सिस्टम ऑटोमेटिक उपकरण और एआई जैसी नई तकनीकों पर काम कर रहा है जिसका लक्ष्य सैनिकों की सुरक्षा बढ़ाना है। डीआरडीओ द्वारा एआई-आधारित नियंत्रण एवं रक्षा प्रणालियां विकसित की जा रही हैं। पुणे स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट एक ह्यूमनोइड रोबोट विकसित कर रहा है जो खतरनाक मिशनों में सैनिकों को जोखिम से बचाएगा।
Rajnath Singh ने डीआरडीओ मुख्यालय का किया दौरा, बोले- रक्षा सुधारों में DRDO निभाएगा अहम भूमिका
DRDO ह्यूमनोइड/ऑटोनोमस रोबोट्स के किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है?
डीआरडीओ के पुणे स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट (इंजीनियर्स) ने एक ह्यूमनोइड रोबोट विकसित करने की शुरुआत की है। यह खतरनाक मिशनों में सैनिकों को जोखिम से बचाएगा। इसके ऊपरी और निचले हिस्से के प्रोटोटाइप तैयार हो चुके हैं। यह रोबोट खतरनाक वस्तुओं को संभालने, अवरोधों हटाने, दरवाजे खोलने बंद सकेगा। दिन और रात दोनों तरह के हालात में काम करने के लिए डिज़ाइन हो रहा है।

