चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर Dr. Krishna Lal Middha ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि अपने-अपने नगरों को “स्मार्ट” ही नहीं, बल्कि समर्थ, समावेशी और सतत बनाएं-ताकि ‘विकसित भारत’ का सपना केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक धरातलीय सच्चाई बन सके।
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डिप्टी स्पीकर Dr. Krishna Lal Middha शुक्रवार को राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
डिप्टी स्पीकर Dr. Krishna Lal Middha ने कहा कि हरियाणा पहले से ही शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्र में पारदर्शिता, ई-गवर्नेस और नागरिक भागीदारी के कई सफल उदाहरण प्रस्तुत कर चुका है। चाहे वह गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे नगर निगम हों या अन्य जिलों में नगर परिषद, सभी स्थानों पर हमने नागरिकों को केंद्र में रखकर योजनाएँ बनाई हैं।
डिप्टी स्पीकर ने कहा कि इस सम्मेलन में “संवैधानिक लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्र निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका” जैसे विषय पर गहन चर्चा न केवल सामयिक है, बल्कि भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने की दिशा में भी अत्यंत प्रासंगिक है।
शहरी निकायों की सशक्तता केवल कागज़ों पर नहीं, ज़मीन पर दिखनी चाहिए। एक आदर्श नगर निकाय तब बनेगा जब हर नागरिक को यह भरोसा हो कि उसकी आवाज़ सुनी जाती है, उसकी समस्या केवल एक फ़ाइल में नहीं, बल्कि समाधान की प्रक्रिया में बदलती है।
उन्होंने कहा कि जब सभी राज्य अपने-अपने नगर निकायों को सशक्त, उत्तरदायी और नागरिकों के लिए जवाब देह बनाएंगे, तभी हम संवैधानिक लोकतंत्र को उसकी पूर्णता में अनुभव कर पाएंगे ।
Dr. Krishna Lal Middha हरियाणा पहले से ही शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्र में पारदर्शिता, ई-गवर्नेस और नागरिक भागीदारी के कई सफल उदाहरण प्रस्तुत कर चुका
डिप्टी स्पीकर डॉ मिड्ढा ने अपने संबोधन में कहा कि जब हम एक उत्कृष्ट शहरी निकाय की परिकल्पना करते हैं, तो वह केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि एक ऐसा जीवंत, उत्तरदायी और सहभागी तंत्र होता है, जो नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप सशक्त, पारदर्शी और समावेशी ढंग से कार्य करता है।

