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अमरोहा में बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान : किसानों के लिए कृषि विभाग ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, ऐसे पाएं मुआवजा

On: March 20, 2026 5:07 PM
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amroha news
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अमरोहा: पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार और बेमौसम बारिश के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। बारिश से गेहूं, सरसों और आलू की बीमित फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए अमरोहा कृषि विभाग तुरंत हरकत में आ गया है।

उप कृषि निदेशक डॉ. रामप्रवेश ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (रबी 2025-2026) के तहत अपनी नष्ट हुई फसल के मुआवजे के लिए तुरंत शिकायत दर्ज कराएं ताकि उन्हें समय पर वित्तीय सहायता (बीमा कवर) मिल सके।

क्षतिपूर्ति के लिए यहाँ करें संपर्क (हेल्पलाइन नंबर्स)

जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया हुआ है, वे नुकसान की भरपाई के लिए नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग और इंश्योरेंस कंपनी (इफको टोकियो) ने टोल-फ्री और तहसील स्तर के नंबर जारी किए हैं:

  • टोल-फ्री नंबर (राष्ट्रीय): 14447

  • जिला प्रभारी (इफको टोकियो): रिशुकुमार – 9576384506

  • तहसील प्रभारी, अमरोहा: बन्टी सिंह – 6396097610

  • तहसील प्रभारी, नौगांवा सादात:  रिंकू सैनी – 7830989535

  • तहसील प्रभारी, हसनपुर: टिंकू सिंह – 8476091487

  • तहसील प्रभारी, धनौरा:  सुरेन्द्र प्रताप सिंह – 8077443817

(नोट: किसान अपनी शिकायत संबंधित बैंक शाखा, राजकीय कृषि बीज भंडार, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी या सीधे उप कृषि निदेशक / जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अमरोहा में भी दर्ज करा सकते हैं।)

किन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा का लाभ?

उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदाओं या रोके न जा सकने वाले जोखिमों की स्थिति में किसानों को निम्नलिखित दो श्रेणियों के तहत मुआवजा दिया जाएगा:

1. व्यापक आपदाओं (Widespread Calamities) से क्षति:

  • यदि मौसम खराब होने के कारण ग्राम पंचायत के 75% से अधिक क्षेत्रफल पर फसल की बुवाई न हो पाई हो (असफल बुवाई)।

  • खड़ी फसलों में सूखा, बाढ़, ओला, तूफान, जलभराव, आकाशीय बिजली या कीट/रोगों के कारण नुकसान हुआ हो। (यह लाभ फसल बुवाई के एक माह बाद से लेकर कटाई के 15 दिन पूर्व तक 50% से अधिक क्षति होने पर मिलेगा)।

2. स्थानिक आपदाओं (Localized Calamities) से क्षति:

  • खड़ी फसलों पर ओलावृष्टि, जलभराव (धान की फसल को छोड़कर), भूस्खलन या बादल फटने से हुआ नुकसान।

  • सबसे महत्वपूर्ण: फसल कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल को आगामी 14 दिनों के भीतर अगर बेमौसम बारिश, चक्रवात या ओलावृष्टि से नुकसान पहुँचता है, तो वह भी इस बीमा योजना के तहत कवर होगा।

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