नई दिल्ली। Congress : विश्व के सात सबसे अमीर देशों के संगठन जी-7 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित नहीं किए जाने पर सवाल उठाते हुए Congress ने इसे सरकार की कूटनीतिक विफलता करार दिया है।
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पार्टी ने कहा है कि वर्षों से भारत के प्रधानमंत्री को इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में लगातार आमंत्रित किया जाता रहा है मगर कनाडा में हो रहे सम्मेलन का न्यौता नहीं मिलना कुछ वैसी ही कूटनीतिक चूक है जैसा भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की गई मध्यस्थता।
15 जून को होने वाला है सम्मेलन : Congress
कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने जी-7 में भारत के शासनाध्यक्ष को नहीं बुलाए जाने पर बयान जारी करते हुए कहा कि 15 जून से कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कानानास्किस में हो रहे इस सम्मेलन में अमेरिका और फ्रांस के राष्ट्रपतियों, ब्रिटेन, जापान, इटली और कनाडा के प्रधानमंत्रियों तथा जर्मनी के चांसलर की भागीदारी होगी।
साथ ही इसमें ब्राजील, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों तथा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।

