नयी दिल्ली: Congress ने आरोप लगाया है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करके वाही-वाही लूटने के लिए बड़ी-बड़ी बातें तो करती है लेकिन सच यह है कि किसानों को ठगा जा रहा है और एमएसपी पर फसलों की खरीद नहीं की जा रही है।
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Congress महासचिव एवं पार्टी के राज्यसभा सदस्य रणदीपसिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार किसानों को हर साल समर्थन मूल्य देने की घोषणा करके सिर्फ झूठ ही बोलती है। सरकार हर बार किसानों के लिए 50 प्रतिशत मुनाफे की बात तो करती है लेकिन जमीनी सच यह है कि इस मुनाफे का कहीं कोई नामों निशान नहीं है।
Congress ने कहा कि महंगाई दर के हिसाब से एमएसपी की खरीद की जानी चाहिए लेकिन सरकार न फसल खरीदती, ना एमएसपी की कानूनी गारंटी दे रही है और ना ही खेती से जुड़े उपकरणों पर से करों को हटा रही है। किसानों को लाभ देने की बात करने वाली सरकार सिर्फ झूठ बोलती है और जुमलेबाजी करती है।
Congress नेता ने कहा,“एमसपी पर आधी ख़रीद के वल धान की फसल की होती है। खबू वाहवाही लटूी जा रही है कि धान की फसल का एमएसपी 2300 रुपए प्रति कुंतल से बढ़ाकर 2369 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। मंहगाई दर छह प्रतिशत है जो 138 रुपए प्रति क्विंटल बनता है इस तरह से यदि पिछले साल का एमएसपी बरकरार रखना हे तो इस साल एमएसपी 2438 रुपए बनता है। किसान को इस तरह से कुछ फायदा कहीं से हो भी जाता लेकिन सरकार ने डीजल के दाम बढा दिये हैं।
Congress एमसपी पर आधी ख़रीद के वल धान की फसल की होती है
सरकार पर किसी की नहीं सुनने का आरोप लगाते हुए Congress ने कहा,“कृषि एवं किसान कलयाण मंत्रालय की स्थायी समिति की 69वीं रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय ने 2017 से लगातार सरकार काो कहा खेती के उपयोग की मशीनों, कृषि यंत्र, ट्रैक्टर आदि पर जीएसटी कम करने की सिफारिश की है लेकिन सरकार ने इस सिफारिश को नजरअंदाज किया है।
इसी तरह से स्थायी समिति ने एमएसपी का कानूनी अधिकार देने की सिफारिश की है और इस रिपोर्ट को पिछले वर्ष 17 दिसमबर को लोकसभा में पेश किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे किसान की आय स्थिर होगी और किसान आत्महत्या की घटनाएं रुकेंगी और कृषि क्षेत्र में सुधार आएगा लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।”

