संभल । उत्तर प्रदेश के CM Yogi ने गुरुवार को संभल जिले के बहजोई में 659 करोड़ रुपए की 222 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने संभल के धार्मिक विरासत के संरक्षण, ऐतिहासिक अन्यायों और राजनीतिक विरोधियों पर तीखे हमले किए।
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CM Yogi ने संभल को हिंदू आस्था का प्रतीक बताते हुए विदेशी आक्रांताओं, कांग्रेस और सपा को निशाने पर और चेतावनी दी कि संभल के साथ पाप करने वालों को उनके पापों की कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने संभल की ऐतिहासिक सच्चाई को उजागर करते हुए विदेशी आक्रांताओं पर जमकर हमला बोला।
CM Yogi ने कहा कि संभल में कभी 68 तीर्थ, 19 पावन कूप और परिक्रमा मार्ग थे, लेकिन विदेशी बर्बर आक्रांताओं ने हमारे तीर्थों को अपवित्र और नष्ट करने का कार्य किया। सभी कूपों और तीर्थों पर कब्जे हो गए। 24 और 84 कोस परिक्रमा मार्ग को बाधित किया गया। एक सत्य को छिपाने का कुत्सित प्रयास किया गया। उनकी सरकार अब इन 68 तीर्थों और 19 कूपों के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी उठाएगी।
CM Yogi ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उन्होंने काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिरों का पुनरुद्धार किया, वैसे ही संभल के तीर्थों को भी नया जीवन दिया जाएगा। विकास तभी सार्थक होता है, जब वह विरासत के साथ जुड़ता है। यह विरासत का संरक्षण भी है और वर्तमान एवं भविष्य के सुनहरे सपने को उड़ान देने का अभियान है।
CM Yogi ने संभल के धार्मिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह स्थान हरि (विष्णु) और हर (शिव) दोनों का सामूहिक दर्शन स्थल है, जहां भगवान विष्णु के 10वें अवतार कल्कि अवतरित होंगे। श्रीमद्भागवत महापुराण, स्कंद पुराण और विष्णु पुराण में संभल की चर्चा है और यह कलियुग में भगवान कल्कि के अवतार का केंद्र होगा। कुछ लोगों को यह विवादित विषय लगता होगा, क्योंकि जिनकी पृष्ठभूमि ही विवादित है, उन्हें हिंदू परंपरा में विवाद नजर आता है। मगर, यह विवाद का विषय नहीं हो सकता।
उन्होंने स्पष्ट रूप से उन लोगों पर निशाना साधा, जो हिंदू विरासत को विवादित बनाने की कोशिश करते हैं और चेतावनी दी कि ऐसे कुत्सित प्रयासों को ध्वस्त किया जाएगा।
CM Yogi : संभल के धार्मिक विरासत के संरक्षण, ऐतिहासिक अन्यायों और राजनीतिक विरोधियों पर तीखे हमले किए
उन्होंने काशी और अयोध्या का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और पूछा कि काशी और अयोध्या का पुनरुद्धार हो सकता है तो संभल का क्यों नहीं? उन्होंने भगवान कल्कि और हरिहर धाम के पुनरुद्धार के लिए सरकार की संकल्पबद्धता जताई।

