चंडीगढ़। हरियाणा के CM Saini ने कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुलिस और सिविल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर एक टीम के रूप में कार्य करें ताकि अपराध और अपराधियों का प्रभावी तरीके से खात्मा किया जा सके। उन्होंने कहा, “मेरा लक्ष्य हरियाणा को एक ‘शून्य अपराध राज्य’ बनाना है।”
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CM Saini सिविल सचिवालय में अपराध और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, जेल महानिदेशक मोहम्मद अकील, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक ओ.पी. सिंह, एडीजीपी सीआईडी सौरभ सिंह सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हरियाणा में अपराध दर में आई उल्लेखनीय कमी
CM Saini ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है, लेकिन इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए निरंतर और लक्षित प्रयास जारी रखने होंगे। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि थाने में आने वाले हर व्यक्ति की बात ध्यान से सुनी जाएं, शिकायतों की तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएं और उस पर त्वरित कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि इससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
CM Saini ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायतकर्ता को एफआईआर दर्ज करवाने के लिए बार-बार थाने के चक्कर न लगाने पड़ें। यदि किसी कारणवश एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती, तो पुलिस को उसे स्पष्ट कारणों की जानकारी देनी होगी ताकि शिकायतकर्ता संतुष्ट हो सके।
ड्रग्स के खिलाफ CM Saini सरकार के अभियान दें रहे सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा चलाए गए अभियानों जैसे ‘साइक्लोथॉन’ और जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए बताया कि इन पहलों से युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर सकारात्मक जागरूकता फैली है। उन्होंने कहा कि सिर्फ युवां ही नहीं, समाज के सभी वर्गों ने इन अभियानों में उत्साहपूर्वक भाग लिया है, जिससे नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने में मदद मिली है।
सीमावर्ती जिलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ेगी, नशे की सप्लाई चेन पर चोट
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान पुलिस को निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर सरपंचों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी सुनिश्चित कर नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया जाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले से नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें तुरंत नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए।
राज्य के सभी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच की जाए ताकि दवाइयों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बनी रहे। इसके साथ ही, सीमावर्ती जिलों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाकर नशे की सप्लाई और मांग के नेटवर्क को तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

