मुंबई। महाराष्ट्र के CM Fadnavis ने हाल ही में सामने आए पुणे भूमि घोटाले पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि इस मामले की जांच में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई होगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुत्र पार्थ पवार का नाम सामने आ रहा है। विपक्ष उन पर कार्रवाई की मांग कर रही है।
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मुख्यमंत्री ने शनिवार को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पुणे में सरकारी संपत्ति की अवैध बिक्री से जुड़े मामले में अभी तक अजीत पवार के पुत्र पार्थ पवार का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। इस सौदे को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, साथ ही एक छह सदस्यीय समिति ने जांच भी शुरू कर दी है।
जांच के दौरान यदि कुछ और लोगों के शामिल होने की बात सामने आती है, तो उनका नाम भी एफआईआर में शामिल किया जाएगा। पार्थ पवार का नाम एफआईआर में न होने पर हमला कर रहे विपक्ष को जवाब देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जो लोग यह भी नहीं समझते कि एफआईआर क्या होती है, वही इस प्रकार के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
CM Fadnavis ने कहा कि जब एफआईआर दर्ज होती है, तो वह संबंधित पक्षों के खिलाफ दर्ज की जाती है। इस मामले में भी कंपनी और उसके अधीकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा एक जांच समिति भी सौदे के सभी पक्षों की जांच कर रही है। मौजूदा एफआईआर में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
CM Fadnavis जब एफआईआर दर्ज होती है, तो वह संबंधित पक्षों के खिलाफ दर्ज की जाती है
इस बीच उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी एक बयान में कहा है कि उनके पुत्र पार्थ पवार का नाम एफआईआर में नहीं है, क्योंकि उन्होंने रजिस्ट्रेशन डाक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। अजीत पवार ने यह दावा भी किया कि पार्थ को पता ही नहीं था कि किस जमीन के सौदे की बात हो रही है, या किस जमीन को अवैध रूप से बेचा जा रहा है।

